अगर स्वास्थ्य विभाग पिछले कुछ वर्षों में रिटायर हुए डॉक्टरों, नर्सों को दोबारा अस्पतालों में लगाने का प्रयास करता है तो यह बेहद कारगर साबित हो सकता है। इस दिशा में भी विभाग लगातार विचार कर रहा है। हालांकि अभी कोई ऐसी सफलता नहीं मिल पाई है। इनमें से कितने ड्यूटी पर लौटने के इच्छुक हैं, यह भी साफ नहीं है।
क्या हुआ सुधार
सुविधा- एक अप्रैल 2020- अब
आईसीयू बेड- 216- 1336
वेंटीलेटर- 116- 842
ऑक्सीजन बेड- 673- 6002
टाइप बी ऑक्सीजन सिलिंडर- 1193- 9917
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर- 275- 3275
ऑक्सीजन प्लांट- 01- 06
छह अस्पतालों में बन गए ऑक्सीजन प्लांट
एक अप्रैल 2020 को सिर्फ श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के पास अपना ऑक्सीजन प्लांट था। एक अप्रैल 2021 से मेला हॉस्पिटल हरिद्वार में था। वर्तमान में छह जगह ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो चुके हैं। अब जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग, जिला अस्पताल रुद्रपुर, हेमवती नंदन बहुगुणा अस्पताल हरिद्वार, बेस हॉस्पिटल हल्द्वानी में भी ऑक्सीजन प्लांट संचालित हो रहा है। इन सभी प्लांट से 2330 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की क्षमता सृजित कर ली गई है। मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा, जिला अस्पताल चमोली, एसडीएच नरेंद्र नगर, जिला अस्पताल अल्मोड़ा, जिला अस्पताल चंपावत, जिला अस्पताल उत्तरकाशी, जिला अस्पताल पिथौरागढ़ में भी जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो जाएंगे।