कहा कि अब अपनी नाकामी छुपाने के लिए उन्होंने प्राइवेट लैब के खिलाफ मोर्चा खोला है। आहूजा पैथोलॉजी लैब के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने के आरोप में कार्रवाई की गई, जबकि लैब के अंदर सभी नियमों का पालन किया जा रहा था।
बाहर सड़क पर अगर भीड़ जुट रही है तो इसकी व्यवस्था जिला प्रशासन को बनानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि सरकार और डीएम के इस रवैये के खिलाफ आईएमए अपना विरोध दर्ज कराएगा।
प्राइवेट लैब के खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई बंद नहीं हुई तो वह कोरोना टेस्ट नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने प्रैक्टिस बंद करने की भी चेतावनी दी। इस मौके पर प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. संजय उप्रेती और दून शाखा के कोषाध्यक्ष डॉ. विजय त्यागी भी मौजूद रहे।