हालांकि बाबा की यादें और छवि को दिल में संजोकर रखे हुए भक्त कहते हैं कि अगले वर्ष उत्साह के साथ कैंची धाम मंदिर का स्थापना दिवस मनाएंगे। बाबा की भक्त और हाईकोर्ट की वकील खुशबू तिवारी का कहना है कि 15 जून आश्रम का स्थापना दिवस अवश्य हैए लेकिन बाबा को स्मरण करने का वक्त तो हरपल है।
हनुमानजी के इस मंदिर में पेड़ की पत्तियां भी जपती हैं राम का नाम
इस मौके पर पारंपरिक आयोजन न होने से एक खालीपन अवश्य महसूस हो रहा है। इसे भी बाबा की स्मृति से ही भरा जा सकता है। समाजसेवी संजय जोशी के अनुसार वह विगत 15 वर्षों से कैंची में स्थापना दिवस के 10 दिन पहले से सहयोग के लिए मंदिर में ही रहते थे। बाबा का आशीर्वाद हमेशा बना रहे। अगले वर्ष और उत्साह से स्थापना दिवस मनाएंगे।