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Coronavirus in Uttarakhand: 495 नए मरीज मिले, पांच की मौत, संक्रमितों की संख्या 15 हजार पार

Sun, 23 Aug 2020 10:15 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। रविवार को प्रदेश में 495 नए मरीज सामने आए हैं। इसके बाद अब प्रदेश में मरीजों की संख्या 15 हजार के पार पहुंच गई है। रविवार को पांच कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश में दो, सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज में दो और जिला अस्पताल उत्तरकाशी में एक मरीज ने दम तोड़ा है। 

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, आज सबसे ज्यादा 249 मरीज ऊधमसिंह नगर और 106 मरीज हरिद्वार में सामने आए हैं। वहीं, देहरादून में 66, पौड़ी में 18, नैनतील में 14, अल्मोड़ा में चार, बागेश्वर में छह, चमोली में नौ, चंपावत में चार, पिथौरागढ़ में तीन, रुद्रप्रयाग में 10 और टिहरी में छह संक्रमित मरीज आए हैं।  इसके साथ ही मरीजों की संख्या 15124 पहुंच गई है। 


यह भी पढ़ें: Coronavirus in Uttarakhand: 10 हजार से ज्यादा संक्रमितों ने कोरोना को हराया, 4200 पार एक्टिव केस
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बता दें कि आज 459 मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। अब तक 10480 मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि प्रदेश में अभी भी 4389 एक्टिव केस हैं।  अब तक 200 मरीजों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में मरीजों की डबलिंग दर 25.26 दिन और रिकवरी रेट 69.29 फीसदी है। 

सात दिन में 2273 मरीजों ने दी कोरोनो को मात

प्रदेश में बीते सात दिन में 2273 से अधिक मरीजों ने कोरोना को मात दी है। नए संक्रमित मामले बढ़ने के साथ ही ठीक होने वाले मरीजों की दर में सुधार हो रहा है। हालांकि ठीक होने वाले मरीजों की तुलना में संक्रमित मामले ज्यादा मिल रहे हैं। प्रदेश में रोजाना औसतन 400 संक्रमित मरीज मिल रहे हैं।

प्रदेश में कोरोना का पहला मरीज 15 मार्च को मिला था। कोराना काल के 161 दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या 15000 से अधिक पहुंच गई है। 23 वें सप्ताह में बीते सप्ताह की तुलना सैंपल जांच में थोड़ी कमी आई है। सात दिन में कुल 2626 संक्रमित मरीज मिले हैं, वहीं 2273 मरीज ठीक हुए हैं। सप्ताह में रिकार्ड 44 संक्रमित मरीजों की मृत्यु हुई है।

कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि इस सप्ताह अब तक के सबसे अधिक संक्रमित मामले और रिकवरी दर रही है। संक्रमित मामले आने के साथ ही मरीज ठीक भी हो रहे हैं, लेकिन इसकी दर कम है।

108 सेवा की एंबुलेंस से भी भर्ती होंगे कोरोना मरीज

अगर सब कुछ स्वास्थ्य विभाग की योजना के मुताबिक हुआ तो बहुत जल्द 108 सेवा की एंबुलेंस से भी कोरोना मरीज अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर ले जाए जा सकेंगे।  दरअसल, देहरादून जिले में कोरोना संक्रमित और कोरोना के संदिग्ध मरीजों की बढ़ती हुई संख्या की तुलना में एंबुलेंस की संख्या बहुत कम है। इस वक्त जिले में 12 एंबुलेंस कोरोना मरीजों के लिए समर्पित की गई हैं।

जो कोरोना और कोरोना के संदिग्ध मरीजों को अस्पताल और कोविड केयर सेंटरों तक पहुंचाने के कार्य में जुटी हुई हैं। मरीजों की ज्यादा संख्या होने की वजह से एंबुलेंस चालक कई घंटे बाद दूसरे मरीजों को लेने पहुंच पा रहे हैं। इसे लेकर पिछले दिनों राजकीय दून मेडिकल अस्पताल की इमरजेंसी में रात के वक्त डॉक्टरों और एंबुलेंस चालकों में विवाद भी हो गया था।

इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पांच अतिरिक्त एंबुलेंस आरटीओ के माध्यम से हायर की। जिससे एंबुलेंस की संख्या 12 हो गई हैं। यह एंबुलेंस भी मरीजों को समय पर अस्पतालों तक पहुंचाने में कम पड़ रही हैं। इसका समाधान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में 108 सेवा की एंबुलेंस को भी कोरोना मरीजों को अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों तक पहुंचाने के लिए शामिल करने पर मंथन किया गया है। 

एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली कंपनी से इस बारे में स्वास्थ्य विभाग की कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग 108 सेवा की एंबुलेंस के चालकों और उसमें तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट और उनसे बचाव के अन्य साधन उपलब्ध कराने के लिए भी तैयार है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि 108 सेवा की एंबुलेंस संचालन करने वाली कंपनी से वार्ता हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही कंपनी को इसके लिए तैयार कर लिया जाएगा।   
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नैनीताल जिले में कोरोना मरीज मिलने की दर सबसे तेज

कोरोना पॉजिटिव केस मिलने की दर के मामले में कुमाऊं में नैनीताल जिला सबसे ऊपर है। इस कारण नैनीताल जिला कोरोना मरीजों की दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, नैनीताल जनपद में 12 टेस्ट में ही एक मरीज रिपोर्ट हो रहा है, जबकि यूएस नगर में 16, बागेश्वर में 41, अल्मोड़ा में 43, चंपावत में 46 और पिथौरागढ़ में 54 टेस्ट के बाद एक कोरोना पॉजिटिव मिल रहा है।

ऐसा भी नहीं कि कोरोना टेस्ट की रफ्तार केवल नैनीताल में ही बढ़ाई गई है, अन्य जिलों में भी पहले की अपेक्षा कोरोना टेस्ट बढ़ाए गए हैं। टेस्ट के लिहाज से यूएस नगर में सबसे ज्यादा 44991, नैनीताल में 25581, अल्मोड़ा में 18401, चंपावत में 12658, पिथौरागढ़ में 12593 और बागेश्वर में 8499 कोरोना टेस्ट हुए हैं। कुमाऊं के दो जिलों यूएस नगर और नैनीताल में मंडल के 50 प्रतिशत कोरोना टेस्ट हुए हैं, जबकि पहाड़ के बाकी जिलों में अपेक्षाकृत कम टेस्ट हुए हैं।
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