बदरीनाथ हाईवे पर पिनोला में तीन दिन बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई है। इससे बदरीनाथ की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
बृहस्पतिवार को दोपहर तीन बजे भारी बोल्डर आने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग गोविंदघाट पिनोला में बंद हो गया था। रविवार को हाईवे पूरी तरह से सुचारु रहा। हाईवे बंद होने से बदरीनाथ जाने वाले करीब 80 वाहन पिनोला में ही फंसे हुए थे।
शनिवार को देर शाम सात बजे हाईवे करीब एक घंटे के लिए खुला और बारिश होने के कारण फिर बंद हो गया। रविवार को सुबह छह बजे एनएच की जेसीबी ने हाईवे पर आए मलबे को हटाकर वाहनों की आवाजाही सुचारु करा दी।
वहीं, क्षेत्रपाल और पागलनाला में भी पूर्वाह्न 11 बजे से हाईवे को पूरी तरह से सुचारु कर लिया गया था। एनएचआईडीसीएल के जीएम संदीप कार्की का कहना है कि हाईवे को सुचारु रखने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। भारी बारिश के कारण हाईवे पर मलबा और बोल्डर आने से वाहनों की आवाजाही रुक रही है। मौसम सामान्य होने पर हाईवे को पूरी तरह से चाक-चौबंध कर लिया जाएगा।
परकंडी क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला भीरी-परकंडी-मक्कू मोटर मार्ग ककोला गांव के नीचे हो रहे भारी भूस्खलन के कारण पांच दिन से बंद है। मार्ग के अवरुद्ध होने से गांवों में जहां जरूरी सामग्री की सप्लाई प्रभावित हो रही है। वहीं, मीलों पैदल नापने को मजबूर हैं।
ग्राम पंचायत परकंडी, जलई-सुरसाल, ओरिंग, पेलिंग, उथींड, पलद्वाड़ी, मक्कूमठ, पाव-जगपुड़ा आदि ग्राम पंचायतों के 30 गांवों की लगभग पांच हजार आबादी का मोटर मार्ग अवरुद्ध होने से तहसील व जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है।
ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी मीलों अतिरिक्त पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। क्षेपं सदस्य राजेंद्र बिष्ट, विनोद सेमवाल, ग्राम प्रधान विजयपाल सिंह नेगी, दीपक नेगी, जयवीर नेगी, राजेश नेगी, गजेंद्र चौधरी आदि का कहना है कि 19 अगस्त को भीरी-परकंडी-मक्कू मोटर मार्ग ककोला गांव के नीचे जिंक्वाणी गदेरे से कुछ आगे ओखल तोक भारी भूस्खलन होने से बंद पड़ा है।
यहां पर भारी बोल्डरों के साथ मलबा के ढेर लगे हैं, जिस कारण क्षेत्रीय जनता को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीएमजीएसवाई के एई विजयपाल सिंह नेगी ने बताया कि मार्ग पर भूस्खलन प्रभावित हिस्से की जल्द मरम्मत कर दी जाएगी।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-सोबला सड़क समेत कुमाऊं में 36 सड़कें मलबे से बंद हैं। तवाघाट-सोबला सड़क करीब एक माह (18 जुलाई) से बंद है। इससे 20 से अधिक गांवों के पांच हजार लोगों के साथ ही दारमा-चीन सीमा तक जाने वाले आईटीबीपी और सेना के जवान पांच से 10 किमी पैदल चलने को मजबूर हैं।
उन्हें जरूरी सामान के दोगुने दाम चुकाने पड़ रहे हैं। तवाघाट सोबला सड़क सोबला जीरो प्वाइंट से ढाकर दारमा चीन सीमा को जोड़ती है। पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-सोबला सड़क समेत 19 तो बागेश्वर जिले में 17 सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग दस घंटे से अधिक समय से बंद है। उधर, गरुड़ और काफलीगैर तहसील क्षेत्र में दो मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। बागेश्वर तहसील में एक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है।