कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने प्रदेश में सैंपल जांच तो बढ़ाई है, लेकिन जांच के लिए भेजे गए सैंपलों की प्रतीक्षा बरकरार है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश भर में 11 हजार से अधिक सैंपलों की रिपोर्ट वेटिंग में है। पहली बार सात दिन में 94 हजार से अधिक सैंपलों की जांच की गई है।
प्रदेश में कोरोना का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। तब से लेकर 13 दिसंबर तक प्रदेश में 15.14 लाख से अधिक लोगों की जांच की गई। इसमें 14.31 लाख लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से सभी जिलों को सैंपलिंग बढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए।
पहली बार प्रदेश में सात दिनों में सर्वाधिक 94 हजार से सैंपलों की जांच की गई। लेकिन जांच के लिए भेजे गए सैंपलों की वेटिंग खत्म नहीं हुई है। देहरादून जिले में सबसे अधिक 3284 सैंपल और ऊधमसिंह नगर में 1962 सैंपलों की जांच वेटिंग में है। सरकार की ओर से निर्देश दिए गए थे कि मैदानी क्षेत्रों में 24 घंटे और पर्वतीय क्षेत्रों में 48 घंटे के भीतर सैंपल जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
जिला वेटिंग
अल्मोड़ा 407
बागेश्वर 209
चमोली 583
चंपावत 591
देहरादून 3284
हरिद्वार 1279
नैनीताल 681
पौड़ी 330
पिथौरागढ़ 553
रुद्रप्रयाग 185
टिहरी 551
यूएस नगर 1962
उत्तरकाशी 776
पहले की तुलना में प्रदेश में सैंपल जांच बढ़ी है। प्रतिदिन औसतन 12 हजार से अधिक सैंपलों की जांच की जा रही है। सैंपलों की जांच लंबित न रहे, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- अमित सिंह नेगी, सचिव, स्वास्थ्य
कोरोना संक्रमण अब सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंचने लगा है। मोरी प्रखंड के दूरस्थ मोताड़ गांव में सात लोगों के पॉजिटिव आने पर स्थानीय प्रशासन ने गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर गांव के सभी रास्तों को सील कर दिया है। गांव में रसद आदि की आपूर्ति के लिए अधिकारियों की टीमें बनाई गई हैं।
मोरी प्रखंड के मोताड़ गांव में सात लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने से गांव में हड़कंप मचा है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए गांव से बाहर आनेजाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने बताया कि गांव में खाद्यान्न आदि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए कर्मचारियों की टीमें बनाई गई हैं। इसके साथ ही गांव में कोविड टीमें भेजकर सैंपल लिए जा रहे हैं।
प्रदेश में कोरोना मरीजों के ठीक होने की रफ्तार धीमी पड़ गई है। पिछले दो सप्ताह से ठीक होने वाले मरीजों की तुलना में संक्रमित ज्यादा मिल रहे हैं। जिससे सक्रिय मरीजों में तेजी आई है। वहीं, कोरोना मरीजों की मौत में बढ़ोत्तरी हो रही है।
उत्तराखंड में कोरोना काल को 273 दिन यानी 39 सप्ताह बीते गए हैं। कोविड जांच बढ़ने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। इसकी तुलना में ठीक होने वाले मरीज कम हैं। बीते सात दिन के भीतर प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक 94675 लोगों की जांच हुई है। इसमें 4366 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जबकि 3134 मरीज ठीक हुए हैं।
वहीं, सक्रिय मरीजों की संख्या 5176 से बढ़ कर 6200 से अधिक पहुंच गई है। कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि दो महीने 10 अक्तूबर से 12 दिसंबर तक पहले 50 दिनों में 2500 से तीन हजार संक्रमित मामले प्रति सप्ताह आ रहे थे।
पिछले दो सप्ताह में संक्रमित बढ़ रहे हैं। वहीं, रिकवरी दर थम सी गई है। हर सप्ताह रिकवरी से ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं।