ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोताघाटी से कौड़ियाला के बीच पहाड़ तोड़ने के लिए सबसे पहले 22 मार्च को देवप्रयाग से ऋषिकेश के बीच क्लोजर (यातायात बंदी) लिया गया। यातायात बंदी की अनुमति 31 मार्च तक ली गई थी, लेकिन पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग पहाड़ नहीं तोड़ पाया। इसके बाद कोरोना संक्रमण की वजह से लंबे समय तक यातायात बंद रहा, लेकिन पीडब्लूडी तोताघाटी समेत अन्य स्थानों में सड़क चौड़ी नहीं कर पाया।
इसके बाद दो बार फिर क्लोजर लिया गया। मगर क्लोजर की अवधि बीतने के बाद भी मार्ग नहीं खुला। काफी कोशिश के बाद 16 अक्तूबर को तोताघाटी में सड़क खोली गई, लेकिन वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं मिली। आखिरकार 25 अक्तूबर को प्रशासन ने कौड़ियाला से देवप्रयाग के मध्य सिर्फ छोटे वाहनों को दिन के वक्त आवागमन की अनुमति दे दी। बड़े वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लागू रहा।
50 किलोमीटर का अतिरिक्त फेर लेने को मजबूर
वर्तमान में चमोली व रुद्रप्रयाग की ओर से जाने वाले बड़े वाहन मलेथा-टिहरी-ऋषिकेश होते हुए ऋषिकेश जा रहे हैं। जबकि देवप्रयाग क्षेत्र के वाहन गजा-खाड़ी होते हुए ऋषिकेश निकल रहे हैं। श्रीनगर से ऋषिकेश की दूरी बदरीनाथ राजमार्ग से होते हुए 105 किलोमीटर है। जबकि वाया टिहरी लगभग 150 किलोमीटर पड़ता है। लोगों को अतिरिक्त 50 किलोमीटर का फेरा काटना पड़ रहा है।
देवप्रयाग से ऋषिकेश टैक्सी से जाने में लगभग 150 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। बस का किराया 120 रुपये है। श्रीनगर से टिहरी होते हुए ऋषिकेश जाने पर रोडवेज प्रति सवारी 305 रुपये किराया ले रहा है। जबकि बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से आवाजाही करने पर 205 रुपये किराया पड़ता है। श्रीनगर से देवप्रयाग के बीच भी बस सेवा बंद है, जिसके चलते कई बार टैक्सी बुक करनी पड़ती है। अतिरिक्त दूरी तय करने की वजह से ट्रक से माल ढुलान का अतिरिक्त 150 से 300 रुपये लिया जा रहा है, जिसका नुकसान व्यापारियों को हो रहा है।
मार्ग खुला तो समय और पैसे की होगी बचत
देवप्रयाग से ऋषिकेश के बीच बस और ट्रकों के चलने से लोगों का समय और पैसे की बचत होगी। सब्जी और दूध के ट्रक सहित अन्य आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति समय पर हो सकेगी।
ठेकेदार को 18 दिसंबर तक सड़क की स्थिति सुधारने का अल्टीमेटम दिया गया है। उम्मीद है कि उक्त तिथि से बड़े वाहन चलने लगे।
- बीएन द्विवेदी, सहायक अभियंता, पीडब्लूडी राष्ट्रीय राजमार्ग खंड