सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि जिले में इस वक्त 141 बेड हैं। चंपावत जिला अस्पताल, लोहाघाट और टनकपुर उप जिला अस्पताल के अलावा पाटी, बाराकोट और बनबसा के अस्पतालों में ये ऑक्सीजनयुक्त बेड हैं। यह संख्या दूसरी लहर की अपेक्षा 20 अधिक है। जिले में तीन ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट (चंपावत 100 एलपीएम, लोहाघाट 167.50 एलपीएम और टनकपुर एसडीएच में 500 एलपीएम) और डी टाइप (जंबो) 654 और 336 बी टाइप (छोटे) ऑक्सीजन सिलिंडर हैं।
पिथौरागढ़ : अस्पतालों में 401 ऑक्सीजन वाले बेड उपलब्ध
जिले के अस्पतालों में 401 ऑक्सीजन वाले बेड हैं, जो पिछली लहर के मुकाबले 387 अधिक हैं। जबकि पहली लहर में 14 ऑक्सीजन बेड जिला अस्पताल में थे। सीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि अस्पताल में 86, बेस अस्पताल में 100, नर्सिंग कॉलेज में 50, पीएचसी कनालीछीना में चार, सीएचसी बेड़ीनाग में 16, सीएचसी डीडीहाट में 10, सीएचसी धारचूला में 30, सीएचसी मुनस्यारी में 25, सीएचसी गंगोलीहाट में 30 और एमएच में 50 ऑक्सीजन युक्त बेड हैं। डीडीहाट, मुनस्यारी और धारचूला में भी ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए गए हैं।
नैनीताल: जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं
सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी ने बताया कि सुशीला तिवारी अस्पताल में 5000 एलपीएम के दो और एक हजार एलपीएम के चार ऑक्सीजन प्लांट हैं। बीडी पांडे अस्पताल नैनीताल और रामनगर स्थित अस्पताल में पांच-पांच सौ एलपीएम के, बेस अस्पताल हल्द्वानी में 300 एलपीएम और महिला अस्पताल हल्द्वानी में 130 एलपीएम के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए गए हैं। पिछले साल जहां जिले में 500 जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर थे वहीं वर्तमान में दो हजार जंबो सिलिंडर उपलब्ध हैं। डीआरडीओ की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के परिसर में निर्मित जनरल वीसी जोशी कोविड अस्पताल में 1100 बेड ऑक्सीजन सुविधा वाले हैं। छह निजी अस्पतालों में 350 बेडों की व्यवस्था की गई है। जिले में सरकारी अस्पतालों में 859 सरकारी बेडों में 333 ऑक्सीजन युक्त बेड उपलब्ध हैं। मेडिकल कॉलेज और जनरल जोशी कोविड अस्पताल में 225 और निजी अस्पतालों में 151 आईसीयू उपलब्ध हैं। मेडिकल कालेज में 10 आईसीयू की भी उपलब्धता है।
बागेश्वर : ऑक्सीजन बेड और ऑक्सीजन की है उपलब्धता
कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी कर रहा है। प्रभारी सीएमओ डॉ. हरीश पोखरिया ने बताया कि जिले में 355 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल में 400 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट), ट्रामा सेंटर में 250 एलपीएम, सीएचसी कांडा में 150 एलपीएम और सीएचसी कपकोट में 500 एलपीएम के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगे हैं। जिले में 771 डी टाइप और 376 बी टाइप ऑक्सीजन सिलिंडर हैं। पांच लीटर के 256, 10 लीटर के 128 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध हैं।
ऊधमसिंह नगर : दूसरी लहर की तुलना में अधिक बेड
वर्तमान में जिले में 1154 बेड ऐसे हैं, जिनमें ऑक्सीजन उपलब्ध है, जबकि दूसरी लहर के दौरान 1106 बेड ही उपलब्ध थे। सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी ने बताया कि जिले में सात ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट हैं, इनमें से जिला अस्पताल में लगा हुआ प्लांट ही चल रहा है जबकि बाकी प्लांट रिजर्व में रखे गए हैं। काशीपुर में कोरोना के नोडल अधिकारी डा. अमरजीत सिंह ने बताया कि तीसरी लहर के लिए 20 बेड का आईसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। सीएमओ कार्यालय को नर्सिंग स्टाफ के लिए डिमांड भेजी गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल टेस्टिंग किट की कोई दिक्कत नहीं है और वैक्सीनेशन भी अच्छे ढंग से चल रहा है।
अल्मोड़ा : 396 बेडों पर उपलब्ध है ऑक्सीजन
जिले में 98 वेंटिलेटर हैं, जबकि 396 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध हैं। 10 न्यूनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (निक्कू) और 10 पैडियट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पिक्कू) मौजूद हैं। दूसरी लहर के दौरान जिले में 300 ऑक्सीजन बेड बनाए गए थे, जबकि अब इनकी संख्या में 96 का इजाफा हो गया है। पहली लहर के दौरान तो जिले में एक भी ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं था। सीएमओ डॉ. आरसी पंत ने बताया कि जिले में 13 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट हैं, इनमें से 11 चालू हालात में हैं, जबकि दो रिजर्व में रखे गए हैं।