चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद भी यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती नजर नहीं आ रही है। रविवार को यूपी समेत मैदानी राज्यों से आने वाले यात्री वाहन और प्राइवेट टैक्सियां नगर में प्रवेश करते रहे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बॉर्डर पर आरटीपीसीआर की व्यवस्था की गई है, लेकिन पुलिस की ओर से वाहनों को न रोकने के कारण सुबह दस बजे तक एक भी आरटीपीसीआर नहीं हो पाई थी। जिससे नगर में एक बार फिर कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
हाईकोर्ट से चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटने के बाद शनिवार से चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए आरटीपीआर निगेटिव रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य किया है। साथ ही उत्तराखंड के पोर्टल पर पंजीकरण और जिन लोगों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, उनको वैक्सीनेशन सार्टिफिकेट साथ लाना अनिवार्य किया है। हालांकि कोटद्वार से चारधाम यात्रा का रूट तय नहीं है, लेकिन देवप्रयाग-ऋषिकेश मार्ग बरसात से खस्ताहाल होने के कारण मैदानी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में वाहन कोटद्वार से भी चारधाम यात्रा के लिए निकल रहे हैं।
मैदानी क्षेत्रों से प्राइवेट कारें, टैक्सियां, कैब समेत अन्य यात्री वाहन एक के बाद एक धड़ल्ले से नगर में प्रवेश करते रहे। पुलिस प्रशासन की सख्ती नहीं होने के कारण वाहन सीधे नगर में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में यदि प्रशासन की ओर से सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो नगर में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।
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इस संबंध में अभी शासन स्तर से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। पूर्व की व्यवस्था के तहत नियमित वाहनों की आवाजाही हो रही है। नए निर्देश प्राप्त होने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- मुक्ता मिश्रा, एसडीएम कोटद्वार।