उत्तरकाशी जिले में पुरोला के विकासखंड मोरी के राजकीय इंटर कॉलेज टिकोची में करीब 30 छात्र-छात्राएं बीमार हो गए हैं। सप्ताहभर से छात्र-छात्राएं आंख व नाखून पीले पड़ने के साथ उल्टी की शिकायत कर रहे हैं। सूचना पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट के चिकित्सकों ने विद्यालय पहुंचकर बीमार छात्रों की जांच कर उनका प्राथमिक उपचार किया है। उन्होंने अधिकांश छात्र-छात्राओं के पीलिया होने की आशंका जताई है।
सीमांत विकासखंड मोरी के आपदाग्रस्त बंगाण क्षेत्र के राजकीय इंटर कालेज टिकोची में एक सप्ताह से छात्र-छात्राएं आंख व नाखून पीले पड़ने के साथ ही उल्टी की शिकायत कर रहे हैं। सूचना पर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट से डा. मयंक जुवांठा ने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ विद्यालय पहुंचकर छात्र-छात्राओं की जांच की। डॉक्टर मयंक जुवांठा ने बताया कि विद्यालय में करीब आठ बच्चों में पीलिया के लक्षण व सात बच्चों में पेट दर्द की शिकायत सामने आई है। उन्होंने बताया कि सभी छात्र-छात्राओं से जांच करने को कहा गया है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी का सही पता चल पाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय के सभी बीमार छात्र-छात्राओं को प्राथमिक उपचार दिया गया है। प्रधानाचार्य महेंद्र चौहान ने बताया कि विद्यालय में करीब तीस छात्र-छात्राएं बीमारी की शिकायत सामने आई है। बताया कि विद्यालय में पीने का पानी पाइप लाइन से ही आता है। सभी छात्र-छात्राएं सहित शिक्षक उसी पानी को पीते हैं।
काशीपुर में एक ओर सरकार सौ करोड़ लोगों का कोरोना टीकाकरण हो जाने का दावा कर रही है। वहीं, दूसरी डोज लगवाए बिना ही कई लोगों के मोबाइल पर वैक्सीनेशन हो जाने के मैसेज आ रहे हैं। इससे वैक्सीनेशन अभियान को पलीता लग रहा है। 18 से 45 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के लोगों का अलग-अलग वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इसके लिए कोविड पोर्टल पर पंजीकरण कराना पड़ता है।
लगभग 80 फीसदी से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है लेकिन ऐसे कई मामले प्रकाश में आ रहे हैं जिनके मोबाइलों पर दूसरी डोज का वैक्सीनेशन न होने के बावजूद मैसेज आ रहे हैं। इन मैसेज के लिंक में ओटीपी डालने पर दूसरी डोज के वैक्सीनेशन के प्रमाणपत्र निकल रहे हैं। काशीपुर में कई लोगों के मोबाइलों पर दूसरी डोज लगवाए बगैर ही वैक्सीनेशन होने के मैसेज पहुंच रहे हैं। राजकीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीएन सिन्हा ने बताया कि यह पोर्टल की गड़बड़ी से हो सकता है। अगर किसी के साथ ऐसा हुआ है तो वह नोडल अधिकारी से संपर्क कर किसी दूसरी आईडी से फिर अपनी बुकिंग करा लें ताकि उनका वैक्सीनेशन हो सके।
केस एक-
ग्राम मिस्सरवाला निवासी युवक ने बताया कि उसने 24 जून को वैक्सीन की पहली डोज ली थी। इसके बाद वह दूसरी डोज नहीं ले पाया। 17 नवंबर को उसके मोबाइल पर दूसरी डोज सफलतापूर्वक लिए जाने का मैसेज आया। मैसेज के लिंक से उन्होंने प्रमाणपत्र डाउनलोड किया तो उसमें दोनों डोज कंपलीट होने की जानकारी दी गई।
केस दो-
गिरीताल कॉलोनी निवासी एक युवक ने उदयराज हिंदू इंटर के प्रेक्षागृह में 20 जुलाई को वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी। 16 अक्तूबर को उसके मोबाइल पर दूसरी डोज लग जाने का मैसेज आया। प्रमाणपत्र डाउनलोड करने पर उसमें पूर्ण टीकाकरण हो जाने की जानकारी दी गई।
केस- तीन
गिरीताल निवासी एक युवती ने बताया कि उसने उदयराज हिंदू इंटर के प्रेक्षागृह में 20 जुलाई को कोविशील्ड की डोज लगवाई थी। दूसरी डोज लगवाने के लिए उसे 12 अक्तूबर से 9 नवंबर को शेड्यूल दिया गया था। 16 अक्तूबर को उसके मोबाइल पर दूसरी डोज लग जाने का मैसेज आ गया।
एलडी भट्ट अस्पताल से हुए वैक्सीनेशन में एक भी केस गलत होना नहीं पाया गया। गिरीताल कॉलोनी के दोनों केसों में रुद्रपुर सेंटर से दूसरी डोज लगाया जाना अंकित है जबकि मिस्सरवाला जसपुर संयुक्त अस्पताल के अधीन आता है।
- डॉ. अमरजीत सिंह, नोडल अधिकारी, काशीपुर।