विधायक आदेश चौहान ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि किसानों की पीड़ा को अधिकारी नहीं समझ पा रहे हैं। उन्होंने किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया है। पहले किसान को आपदा ने बर्बाद किया, अब सरकार और अधिकारी किसानों को बर्बाद कर रहे हैं। उनके विरोधी अधिकारियों को उकसा रहे हैं। उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों के हित में अधिकारियों से बात करने मिल में गए थे। उन्होंने किसी भी अधिकारी के साथ अभद्रता नहीं की है।
दिन रात चल रहा काम, दो रातों से सोए नहीं : मुख्य अभियंता
मुख्य अभियंता विनीत जोशी ने वह दिन रात मेहनत कर मिल को चलाने का प्रयास कर रहे हैं। काम की अधिकता के कारण दो रात से सोए भी नहीं थे। विधायक आदेश चौहान ने अभद्रता की है। उनकी सेवानिवृत्ति में मात्र 11 महीने शेष रह गए हैं। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
चेन पर डाला साढ़े चार हजार क्विंटल गन्ना
तीन दिन से मिल परिसर में गन्ना लिए हुए खड़े किसानों ने आक्रोशित होकर गन्ने भरी ट्रैक्टर ट्रॉली मिल की चेन पर पलट दी। किसानों ने कहा कि वह उद्घाटन के दिन से मिल परिसर में गन्ने की ट्राली लिए खड़े थे। चेन में कमी आ जाने के कारण ट्रैक्टर ट्रॉली से गन्ना नहीं उतारा जा रहा था। इससे आक्रोशित होकर उन्होंने गन्ना ट्रॉली मिल की चेन पर पलट दी। मुख्य गन्ना अधिकारी प्रमोद द्विवेदी ने बताया कि चेन पर किसानों का करीब साढे़ चार हजार क्विंटल गन्ना पड़ा है। लगभग एक हजार क्विंटल गन्ना किसान ट्रैक्टर ट्राली में लिए हुए मिल परिसर में खड़े हैं। उन्होंने बताया कि गन्ने की तौल शीघ्र शुरू करा दी जाएगी।
सरकार और किसानों के खिलाफ साजिश : डॉ. सिंघल
जसपुर के पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने विधायक आदेश चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। जनप्रतिनिधि को अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार शोभा नहीं देता। पूर्व प्रधान प्रबंधक एके चनयाल के साथ भी विधायक ने अभद्रता की थी। वह अपना स्थानांतरण कराकर चीनी मिल से चले गए। अब मुख्य अभियंता एवं अन्य अधिकारियों के खिलाफ अभद्रता की गई, ताकि चीनी मिल नहीं चल सके और किसान सरकार से आक्रोशित हो जाएं।
डॉ. सिंघल ने कहा कि किसानों को सरकार से नाराज करने का प्रयास किया जा रहा है। यह सोची समझी साजिश है। देर रात तक मिल चल जाती। अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार इसलिए किया गया ताकि मिल नहीं चल सके और किसान सरकार से नाराज हो जाएं। विधायक की यह किसान विरोधी, सरकार विरोधी हरकत है। क्षेत्र के किसान उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।