रुड़की में कोरोना वैक्सीन को लेकर प्रचलित भ्रांतियों को तोड़कर अधिकारियों ने अपने सामने 213 लोगों का टीकाकरण कराया। यहीं नहीं, वैक्सीन लगवाने वालों को पहले मन से भी पूरी तरह वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार किया। जिला उद्यान अधिकारी के साथ ही टीम के अन्य सदस्यों ने लोगों को घर-घर जाकर समझाया और टीके के फायदे गिनाए, तब जाकर ये लोग राजी हुए।
कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर केंद्र सरकार जल्द से जल्द हर व्यक्ति को कोरोना वैक्सीन लगवाना चाहती है। इसके लिए प्रदेश के साथ ही हरिद्वार जिले में भी टीकाकरण महा अभियान चल रहा है। इस दौरान एक रिपोर्ट सामने आई थी कि क्षेत्र के किशनपुर जमालपुर गांव में करीब 240 लोगों ने अभी वैक्सीन नहीं लगवाई। ये लोग इसलिए चिह्नित किए गए थे क्योंकि इन्होंने वैक्सीन लगवाने से साफ इनकार कर दिया था। इन लोगों की वैक्सीन नहीं लगवाने की वजह जानने और उन्हें प्रेरित करने के लिए जिला उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव को गांव में भेजा गया था। सोमवार को वे गांव पहुंचे और प्राइमरी स्कूल के प्रधानाचार्य महिपाल सैनी, क्षेत्र की एएनएम वीना बेंजवाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आरोग्यम अस्पताल की वैक्सीनेटर आशना खान, सपना, वर्षा को साथ लेकर घरों का रुख किया। टीम ने घर-घर जाकर वैक्सीन नहीं लगवाने के कारण पूछे।
इस दौरान बड़े अजीबोगरीब कारण सामने आए। अधिकतर लोग सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी वीडियो को लेकर भ्रमित थे। इन लोगों को सकारात्मक वीडियो दिखाकर और वैक्सीन के फायदे बताकर मनोबल बढ़ाया गया। इसके बाद ये लोग टीका लगवाने के लिए तैयार हुए। जिला उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि गांव में अधिकतर ऐसे लोग थे, जिनके परिवार के कुछ सदस्य वैक्सीन लगवा चुके हैं। ऐसे में इन्हें वैक्सीन के लिए तैयार करने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। दो परिवार ऐसे थे, जिनमें से एक भी व्यक्ति ने वैक्सीन नहीं लगवाई थी। इन परिवार के लोगों को काफी समझाना पड़ा। दो दिन की कड़ी मेहनत के बाद 213 लोगों को वैक्सीन लगाने में सफलता हासिल की।