बच्चों को लगने वाले कोरोना के टीके को लेकर भले ही अभी केंद्र सरकार ने हरी झंडी न दी हो, लेकिन डॉक्टरों और अन्य स्टाफ को जिले में जरूरी प्रशिक्षण दिए जाने का खाका तैयार हो रहा है। इसके अलावा 12 से 17 साल तक की उम्र वाले बच्चों के बारे में सर्वे भी किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों को टीका लगाने के लिए केंद्र सरकार से टीके और अनुमति मिलने का इंतजार है। पहले चरण में 12 से 17 साल तक के बच्चों को टीके लगेंगे। टीके मिलने पर जरूरी प्रशिक्षण भी दिया जाना है।
देहरादून जिले में 12 से 17 वर्ष तक की उम्र के बच्चों की संख्या 2.12 लाख से अधिक बताई जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के नियमों के अनुसार बच्चों को टीका लगाने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्यकर्मी आशाओं के माध्यम से लाभार्थी बच्चों का ब्यौरा जुटा रहे हैं। साथ ही जरूरी प्रशिक्षण भी दिया जाना है।
उत्तराखंड महोत्सव पर शुरू किए गए टीकाकरण महाअभियान के तीसरे दिन साढ़े आठ हजार लोगों को टीके लगाए गए। जिससे तीसरे दिन भी हर दिन 15 हजार टीके लगाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।
सरकार की ओर से दिसंबर में शत प्रतिशत टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से बीच बीच में टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं। जिसमें अब पहली डोज के साथ ही दूसरी डोज लगाने पर भी अब पूरा फोकस है। राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर आठ नवंबर से उत्तराखंड महोत्सव के तहत साप्ताहिक टीकाकरण महाअभियान शुरू किया गया है।
अभियान 14 नवंबर तक चलाया जाना है। इसमें हर दिन 15 हजार लोगों को टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन सोमवार को दस हजार टीके लोगों को लगाए गए थे। मंगलवार को 9878 लोगों को टीकाकरण किया जा सका था।
टीकाकरण की नोडल अधिकारी डॉ. कोमल सिंह ने बताया कि बुधवार को तीसरे दिन टीकाकरण करने के लिए जनपदभर में 176 सेंटर बनाए गए। इन सेंटरों पर 8500 लोगों को कोविड के टीके लगाए जा सके। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में टीकाकरण में तेजी लाई जाएगी।