देशभर के संस्थानों में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे छात्रों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने राहत दी है। बीसीआई के मुताबिक, केवल अंतिम वर्ष के छात्रों की ऑनलाइन या अन्य परीक्षाएं होंगी। बाकी सभी सेमेस्टर के छात्र बिना परीक्षा पुराने प्रदर्शन के आधार पर अगले सेमेस्टर में प्रमोट किए जाएंगे।
कोरोना महामारी को देखते हुए बीसीआई की जनरल काउंसिल ने हाल ही में विश्वविद्यालयों द्वारा ऑनलाइन परीक्षाओं के संचालन के संबंध में कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। अंतिम वर्ष के छात्र तीन साल के एलएलबी और पांच साल के इंटिग्रेटेड एलएलबी कोर्स के छात्रों को ऑनलाइन परीक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है। वैकल्पिक रूप से एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए विवि किसी भी अन्य उपयुक्त तरीके को अपना सकते हैं, जो उन्हें लगता है कि नियमित परीक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।
अंतिम वर्ष के छात्रों को छोड़कर सभी छात्रों को पिछले वर्ष के अंकों और वर्तमान वर्ष की आंतरिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नत किया जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट है कि कॉलेजों व विश्वविद्यालयों को फिर से खोलने के बाद, विवि पदोन्नत होने वाली छात्रों परीक्षा का आयोजन समय की उचित अवधि के भीतर, उस वर्ष के संबंध में करेंगे जिससे उन्हें पदोन्नत किया गया है।
हालांकि, ऐसे पदोन्नत छात्रों का अध्ययन जारी रहेगा। जिस वर्ष में उन्हें पदोन्नत किया गया है, और यदि वे जिस वर्ष से पदोन्नत हुए हैं, उस वर्ष के ऐसे अंतिम सेमेस्टर परीक्षा के किसी भी पेपर को पास नहीं कर सके तो उन्हें पहले उसे पास करना होगा, तभी डिग्री दी जाएगी। जिन छात्रों को अंतिम वर्ष में एलएलबी के छात्रों के रूप में पदोन्नत किया गया है, उन्हें अपनी डिग्री प्राप्त करने के लिए सभी पेपर पास करने होंगे। बीसीआई ने यह भी साफ किया है कि कोरोना के प्रोटोकॉल के तहत सभी संस्थानों में सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
बीसीआई की ओर से कोरोना संक्रमण के चलते नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं। इनका अनुपालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. राजेश बहुगुणा, डीन लॉ कॉलेज एवं कार्यकारी कुलपति, उत्तरांचल विवि