फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड में कोरोना: देहरादून में तेजी से बढ़ रहा संक्रमण कर रहा ओमिक्रॉन की ओर इशारा 

Sun, 02 Jan 2022 02:32 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal मनीष चंद्र भट्ट, अमर उजाला, देहरादून

सार

ओमिक्रॉन चूंकि कोरोना के पुराने वैरिएंट से कई गुना तेजी से बढ़ता है इसलिए इसकी रोकथाम के लिए कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन किया जाना बहुत जरूरी है।
विज्ञापन
- फोटो : पीटीआई फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देहरादून जिले में कोरोना के मामले पिछले कुछ दिनों से तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, देहरादून में कोरोना का संक्रमण जिस तेजी से बढ़ रहा है वह इसके नए वैंरिएट ओमिक्रॉन की ओर इशारा है।

विज्ञापन


ओमिक्रॉन चूंकि कोरोना के पुराने वैरिएंट से कई गुना तेजी से बढ़ता है इसलिए इसकी रोकथाम के लिए कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन किया जाना बहुत जरूरी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बहुत खतरनाक साबित हो सकती है। देहरादून जिले में गुरुवार को 25, शुक्रवार को 48 और शनिवार को 85 मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसी तरह कोरोना संक्रमित चार मरीजों में ओमिक्रॉन का संक्रमण भी पाया गया है।

उत्तराखंड में कोरोना: नवोदय विद्यालय के 82 विद्यार्थी कोरोना संक्रमित, शिक्षक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव
विज्ञापन


पटेलनगर स्थित श्री महंत इंदिरेश अस्पताल पटेलनगर के वरिष्ठ सांस एवं छाति रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश रावत ने बताया कि ओमिक्रॉन के संक्रमण का प्रसार कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से कई गुना अधिक हो रहा है। जबकि इसकी मारक क्षमता डेल्टा से कम है। फिर भी इसे कम्यूनिटी में फैलने से रोकना जरूरी है। नहीं तो यह बुजुर्गों, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों, जिन्हें कोरोना टीके की दोनों खुराक नहीं लगी या जिन्हें दूसरी खुराक और बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है।

एम्स ने चेताया: ओमिक्रॉन को हल्के में न लें जनाब, वैरिएंट बदल सकता है अंदाज

जिस तेजी से कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं वह ओमीक्रॉन की ओर इशारा कर रहा है। आराघर हरिद्वार रोड स्थित सीएमआई अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अजीत गैरोला ने बताया कि जीनोम सिक्वेंसिंग में कम से कम छह दिन तक लग जाते हैं। देहरादून में आ रहे मामले तीसरी लहर के रूप में डेल्टा या ओमिक्रॉन के भी हो सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोविड नियमों का पालन हर हाल में करना जरूरी है। रैलियों, जलसों, बाजारों, खेल आयोजनों, शादी ब्याह जैसे आयोजनों में भीड़ कम करनी होगी। साथ ही अच्छी क्वालिटी वाला मास्क पहना भी जरूरी है।

विज्ञापन

जिले में कोरोना संक्रमण का प्रसार तेजी से

वहीं, जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि जिले में कोरोना संक्रमण का प्रसार तेजी से हो रहा है। ऐसे में लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि कोरोना से रोकथाम के लिए निर्धारित नियमों का पूरी तरह से पालन करें।

स्वास्थ्य विभाग लगातार आरटीपीसीआर जांच पर जोर दे रहा है। जरूरत के हिसाब से जिला प्रशासन को कंटेनमेंट और माइक्रोकंटेनमेंट जोन बनाए जाने की संस्तुति भी की जा रही है। ओमिक्रॉन की रिपोर्ट आने तक भी इसके संक्रमण को रोकने के लिए बनी गाइड लाइन के अनुरूप जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

बाजारों, धार्मिक स्थलों और रैलियों में उड़ रही नियमों की धज्जियां
शासन, प्रशासन से लेकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग लोगों से लगातार कोरोना गाइड लाइन का पालन करने की अपील कर रहा है। बाजारों में ज्यादा समय तक भीड़ न रहे इसके लिए नाइट कर्फ्यू भी लागू है। नियम तोड़ने वालों के चालान भी किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ, बाजारों, धार्मिक स्थलों और चुनावी रैलियों में कोविड गाइड लाइन की धज्जियां उड़ रही हैं। इनमें भीड़ एकत्र होने और बिना मास्क पहने घूमने से कोरोना संक्रमण का प्रसार अधिक होने का खतरा बढ़ गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें