प्रदेश में शुक्रवार को ब्लैक फंगस का एक नया मामला मिला है जबकि मौत किसी की नहीं हुई है। प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 549 और 121 की मौत हो चुकी है। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस के नए मरीज को भर्ती किया गया। दो मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा है।
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए रहे तैयार
उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत ने नई टिहरी में अधिकारियों की बैठक लेते हुए आपदा और कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि चिह्नित संवेदन और अति संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी तैनात की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत ने कहा है कि कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निपटने को दवा, ऑक्सीजन, उपकरण, एंबुलेंसों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। एंबुलेंसों के ड्राइवर से लेकर अन्य स्टाफ को आउट सोर्सिंग से रखा जाए। ब्लॉक स्तर पर तैनात चिकित्सकों के लिए आवास की व्यवस्था की जाएगी।
उत्तराखंड को केंद्र से मिलेंगे एक लाख कोविड टीके, मिलेगी थोड़ी राहत
केंद्र से शनिवार को एक लाख कोविड टीके उत्तराखंड को मिलेंगे। इससे राज्य में वैक्सीन की कमी से थोड़ी राहत मिलेगी। शुक्रवार को पूरे प्रदेश में 47 हजार से ज्यादा लोगों को वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज लगाई गई।
देहरादून जिले में गर्भवती महिलाओं को जल्द कोरोना का टीका लगना शुरू हो जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी में जुटा हुआ है। स्वास्थ्यकर्मियों को इस संबंध में प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से चंदरनगर स्थित संभागीय प्रशिक्षण केंद्र (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) में गर्भवतियों के कोरोना टीकाकरण से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने कहा कि कोविड टीकाकरण का सबसे संवेदनशील चरण शुरू होने जा रहा है। गर्भवतियों को टीका लगाने से हम न सिर्फ कोरोना से उनकी रक्षा करेंगे, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी कोरोना के खतरे से बचा सकेंगे। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों से अपील की कि यह प्रयास करें कि आपके क्षेत्र में प्रत्येक गर्भवती को कोरोना का टीका लगाया जाए। कार्यशाला में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश, जिला चिकित्सालय, सभी उप जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों से नोडल अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में प्रशिक्षकों को गर्भवतियों में टीकाकरण संबंधी घबराहट को दूर करना और अन्य जरूरी जानकारी दी गई। कार्यशाला के दूसरे सत्र में मीजिल्स रुबैला टीकाकरण के सर्विलांस को सुदृढ़ किए जाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप मार्तोलिया, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुधीर पांडेय, डॉ. एसएस कंडारी, डॉ. दीपाली फोनिया, डॉ. विकास शर्मा, यज्ञदेव थपलियाल ने प्रशिक्षण दिया।
10 हजार लोगों को लगेगा टीका
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि शनिवार को जिले में विभिन्न केंद्रों पर 10 हजार लोगों को कोरोना टीके की दूसरी खुराक लगाई जाएगी। जैसे-जैसे टीके मिलते रहेंगे, टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने आमजन से फिर अपील की है कि टीकाकरण केंद्रों पर आने में असक्षम दिव्यांगों और बुजुर्गों को टीका लगाने के लिए मोबाइल नंबर 9368530756 पर लाभार्थी का नाम, पता, नंबर और आधार कार्ड वाट्सएप करें।
रोजाना 30 हजार टीकों की जरूरत
जिले में कोविशील्ड और कोवाक्सिन टीके की दूसरी खुराक लगने की निर्धारित अवधि पूरी होने के बावजूद कई लोगों को टीका नहीं लग पा रहा है। दूसरी खुराक लगने का जिले में बैकलॉग इस समय लगभग 65 हजार से अधिक है। जिसे पूरा करने के लिए रोजाना औसत 30 हजार खुराक की प्रतिदिन जरूरत है। इसके विपरीत जिले में स्थिति यह है कि रोजाना औसतन एक हजार टीके भी नहीं मिल पा रहे हैं।