कोरोना की दूसरी लहर का खतरा भले ही थम गया है लेकिन तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए प्रदेश में सैंपल जांच की रफ्तार कम हो गई है। सात दिन में लक्ष्य से 40 प्रतिशत कोविड जांच कम हुई है। सरकार ने संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रतिदिन 40 हजार सैंपल जांच करने का लक्ष्य दिया था।
प्रदेश में कोरोना काल को 490 दिनों को समय बीत गया है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण काबू में है लेकिन सैंपल जांच कम हुई है। 11 से 17 जुलाई तक प्रदेश में कुल 165693 सैंपलों की जांच हुई है। जिसमें 296 लोग संक्रमित मिले हैं जबकि 761 ठीक हुए हैं। प्रतिदिन 40 हजार लक्ष्य के आधार पर सात दिन में 2.80 लाख सैंपलों की जांच होनी चाहिए थी।
सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या लगातार कम हो रही है। तीसरी लहर को रोकने के लिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग को कोविड सैंपल टेस्टिंग बढ़ाने की आवश्यकता है। सैंपल जांच बढ़ाने से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
कोविड संक्रमण से बचाव के लिए चल रही टीकाकरण अभियान की रफ्तार बढ़ाने को केंद्र से वैक्सीन मिल रही हैं। सोमवार को प्रदेश भर में 45342 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। 21 जुलाई को प्रदेश को केंद्र से टीके मिलेंगे।
राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप मर्तोलिया ने बताया कि प्रदेश में वैक्सीन की कमी नहीं है। केंद्र की ओर से नियमित रूप से वैक्सीन भेजी जा रही है। 21 जुलाई को भी केंद्र से राज्य को कोविड वैक्सीन मिलेगी। वर्तमान में सभी जिलों के पास लगभग दो लाख वैक्सीन का स्टॉक है।
सोमवार को प्रदेश के 732 केंद्रों पर 45 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीन की पहली व दूसरी डोज लगाई गई। अब तक 18 से 44 आयु वर्ग में 17.46 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। जबकि 42 हजार से अधिक को दूसरी डोज के साथ टीकाकरण पूरा किया गया।