कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से अनुपालन कराने के लिए सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सोमवार को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट लिए बिना लैंसडौन और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचे करीब सौ से अधिक पर्यटकों को लौटा दिया।
सोमवार को कोतवाली पुलिस ने लैंसडौन सहित निकटवर्ती क्षेत्र पालकोट, डेरियाखाल, जयहरीखाल, फतेहपुर तक के होटलों में चेकिंग अभियान चलाया, जिसके तहत होटलों और रिजॉर्ट के आसपास बिना मास्क पहने और झुंड बनाकर घूम रहे 279 पर्यटकों का चालान किया गया।
इसके अलावा कोरोना की निगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट लिए बिना लैंसडौन में प्रवेश कर रहे करीब 100 पर्यटकों को लौटा दिया। कोतवाल संतोष सिंह कुंवर ने बताया कि पर्यटकों को लौटाना उन्हें भी अच्छा नहीं लगा, लेकिन तीसरी लहर की आशंका के कारण मिली गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराना उनकी जिम्मेदारी है।
कोतवाल ने बताया कि 145 पर्यटकों का बिना मास्क में चालान काटते हुए उनसे 72 हजार 500 की राशि, 87 पर्यटकों का शारीरिक दूरी उल्लंघन के तहत चालान काटते हुए उनसे 8700 रुपये की राशि और 47 पर्यटकों का पुलिस एक्ट में चालान कर 13 हजार 450 की राशि वसूली गई।
पिथौरागढ़ जिले के दूरस्थ गांव नामिक में स्वास्थ्य विभाग ने 18 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को कोरोना का पहला टीका लगा दिया है। नामिक के ग्रामीण लगातार टीकाकरण की मांग उठा रहे थे। अमर उजाला ने ग्रामीणों की मांग को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ. एचसी पंत ने क्षेत्र में टीम भेजकर ग्रामीणों का टीकाकरण कराने के साथ ही स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। आठ जुलाई को प्रतिरक्षण सहायक मोहित पंत के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम 158 किमी की यात्रा कर नामिक पहुंची। इसमें गोगिना से आठ किमी की पैदल यात्रा भी शामिल है। टीम ने दो दिन गांव में रहकर 18 साल से अधिक आयु के सभी 312 लोगों को कोविड की पहली डोज लगाई।
इसके अलावा स्वास्थ्य कैंप लगाकर 374 मरीजों को जरूरी दवा वितरित की। टीम बागेश्वर के रास्ते गोगिना होते हुए नामिक तक पहुंची। टीम में वैक्सीन कोल्ड चैन मैनेजर पंकज बिष्ट, नर्सिंग ऑफिसर रश्मि भट्ट, प्रियंका बिष्ट फार्मासिस्ट सूरज बिष्ट, अशोक मेहता ने शामिल रहे। ग्रामीणों ने टीकाकरण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया।