कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत की सूचना समय पर न देने पर सरकार की ओर से कड़ी फटकार लगाने के बाद भी बार-बार बैकलॉग सामने आ रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों की ओर से कोरोना मरीजों की मौत की सूचना समय पर स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी जा रही है। गुरुवार को सात मौतें बैकलॉग की दर्ज हुई हैं।
सरकार ने अस्पतालों की ओर से कोरोना मरीजों की मौत की सूचना न देने पर कड़ी फटकार लगाई थी। मरीजों की मौत की रिपोर्ट न देने पर अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ कोविड एक्ट में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
30 जून को प्रदेश में एक ही दिन में 218 बैकलॉग की मौत का खुलासा होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों व सीएमओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बावजूद भी अस्पतालों की ओर से सरकार के आदेशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कोरोना मरीजों के मौत की सूचना कई दिनों के बाद दी जा रही है।
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी का कहना है कि कोरोना मरीजों की सूचना समय पर न देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बार-बार दिशानिर्देश देने के बाद भी बैकलॉग के मामले सामने आ रहे हैं। अस्पतालों और सीएमओ को नोटिस जारी किए गए। जवाब आने के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।