स्वास्थ्य विभागके मुताबिक पिछले 24 घंटे के भीतर राजधानी दून समेत पूरे जिले 1331 मरीजों मं कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। पूरे राज्य में 2682 कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं। संक्रमितों का आंकड़ा प्रतिदिन एक हजार से अधिक होने की वजह से जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
फिलहाल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ने और दून अस्पताल समेत तमाम सरकारी अस्पतालों में आरटीपीसीआर जांच कराने वालों की भारी भीड़ को देखते हुए अब परेड मैदान में कोरोना स्टैटिक सेंटर खोला जाएगा। सीएमओ डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि कोरोना स्टैटिक सेंटर में मंगलवार से कोई भी व्यक्ति आरटीपीसीआर जांच करा सकता है। स्टैटिक सेंटर में स्वास्थ्य विभाग की दो टीमें लगाई गई हैं। जहां पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, पैरामेडिकल और स्टाफ नर्स को तैनात रहगा। स्टैटिक सेंटर के खुलने से दून अस्पताल, कोरोनेशन समेत तमाम सरकारी अस्पतालों में होने वाली की भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा।
पीडब्ल्यूडी दफ्तर के कई कर्मचारी संक्रमित
हरिद्वार रोड स्थित पीडब्ल्यूडी के दफ्तर में कई कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद दफ्तर को सैनिटाइज करने के साथ ही सील कर दिया गया है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजेश कुमार यादव ने बताया कि कर्मचारियों को घरों मेें आइसोलेट कर दिया गया है। साथ ही पूरे दफ्तर को सैनिटाइज कराने के साथ ही सील कर दिया गया है।
बिना जांच कराए ही घरों में आइसोलेट हो रहे लोग
सर्दी, जुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित और कोरोना संक्रमित लोग बिना आरटीपीसीआर जांच कराए ही खुद आइसोलेट हो रहे हैं। कई संक्रमित लोग मेडिकल स्टोरों से पैरासिटामोल, आइवरमेक्टिन व अजित्रोमायसिन आदि दवाइयां खुद इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ इसे खतरनाक बता रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति को खुद के कोरोना संक्रमित होने की संभावना दिख रही है तो उसे तत्काल अस्पताल में जाकर अपनी जांच करानी चाहिए। ज्यादातर लोग मौसम में बदलाव के चलते बीमार पड़ रहे हैं।