कॉर्बेट पार्क में जिप्सी रोटेशन की मांग को लेकर जिप्सी चालकों ने दोपहर दो बजे से तीन बजे तक झिरना-ढेला पर्यटन गेट को बंद कर दिया। इससे पर्यटकों की 30 से अधिक गाड़ियां खड़ी रहीं और जंगल सफारी के लिए पहुंचे सैलानियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गेट बंद की सूचना पर विधायक प्रतिनिधि ने सीटीआर निदेशक से वार्ता की। इसके बाद विधायक प्रतिनिधि के 15 दिन के भीतर रोटेशन लागू करने के आश्वासन पर जिप्सी चालकों ने गेट खोला। इसके बाद पर्यटकों ने जंगल सफारी की।
बता दें कि कॉर्बेट पार्क प्रशासन जिप्सी रोटेशन लागू करने जा रहा है, जिसके विरोध में एक पक्ष खड़ा हो गया है, तो दूसरा पक्ष रोटेशन की मांग कर रहा है। ऐसे में रोटेशन लागू करने मांग को लेकर जिप्सी चालकों ने दोपहर दो बजे से झिरना-ढेला पर्यटन गेट को बंद कर दिया। इस पर सीटीआर निदेशक राहुल ने विधायक प्रतिनिधि मदन जोशी और नरेंद्र शर्मा को बुलाकर बैठक की, जिसमें सीटीआर निदेशक ने 15 दिन में रोटेशन लागू करने का आश्वासन दिया। विधायक प्रतिनिधि के समझाने पर जिप्सी चालकों ने गेट खोल दिया।
रोटेशन के विरोध में निदेशक से मिले पर्यटन कारोबारी
जिप्सी रोटेशन का विरोध करने वाले पर्यटन कारोबारियों की कॉर्बेट निदेशक के साथ घंटों चली वार्ता बेनतीजा रही। शुक्रवार को कॉर्बेट जिप्सी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश धस्माना, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरि सिंह मान, पवन पुरी, जगदीश छिम्वाल और नदीम कुरैशी सीटीआर निदेशक राहुल से मिले। उन्होंने कॉर्बेट निदेशक से रोटेशन सिस्टम का विरोध किया। वहीं सीटीआर निदेशक ने साफ कहा कि चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन के निर्देश पर जिप्सियों को रोटेशन किया जा रहा है। अध्यक्ष धस्माना ने बताया कि तीन अक्तूबर को वन मंत्री हरक सिंह रावत और चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग के रामनगर आने की सूचना मिली है। अब दोनों के सामने ही इस मामले को रखा जाएगा, तब तक वह धरना प्रदर्शन नहीं करेंगे।