प्रदेश कांग्रेस ने आलाकमान के निर्देश पर विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संभावित प्रत्याशियों के चयन को लेकर विधानसभावार गोपनीय सर्वे पूरा कर लिया है।
सूत्रों की मुताबिक गोपनीय सर्वे में जुटी टीमें 10 अक्तूबर तक अपनी सीलबंद रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेंगी। केंद्रीय आलाकमान की ओर से प्रत्याशियों का अंतिम चयन करते समय इस गोपनीय सर्वे रिपोर्ट को भी आधार बनाया जाएगा।
गोपनीय सर्वे से जुड़े लोगों की बातों पर यकीन किया जाए तो मौजूदा कई विधायकों की स्थिति खराब पायी गई है, जबकि कई विधायकों का काम बेहद अच्छा बताया जा रहा है। गोपनीय सर्वे में यह पहलू भी सामने आया कि प्रत्याशियों के चयन में युवा, ईमानदार और कर्मठ लोगों को तरजीह दी जाए।
अगले कुछ महीनों में राज्य में विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा जैसी राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी तैयारियां शुरू भी कर दी है। सभी पाटियों के लिए प्रत्याशियों का चयन पहली बड़ी चुनौती है। जिसके लिए पार्टियाें में योग्य प्रत्याशियों की खोजबीन भी शुरू हो गई है। संभावित प्रत्याशियों के चयन को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां अपने स्तर पर गोपनीय सर्वे करा रही है।
इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस ने भी गोपनीय सर्वे कराया हैं। केंद्रीय आलाकमान के निर्देश पर सभी 70 विधानसभाओं में तीन सदस्यीय समिति भेजकर गोपनीय सर्वे कराया है। सर्वे के दौरान समितियों ने आम मतदाताओं के अलावा दुकानदारों, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से भी चर्चा कर इस बात की गोपनीय जानकारियां जुटायी है कि आखिरकार विधानसभा चुनाव में किस व्यक्ति को पार्टी की ओर से टिकट देकर जीत हासिल की जा सकती है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक समितियों की गोपनीय रिपोर्ट पर गंभीरता से विचार विमर्श किया जाएगा। दिलचस्प पहलू यह रहा है कि यह सर्वे इतना गोपनीय कराया गया कि किसी भी मौजूदा मंत्री, विधायकों को इसकी भनक तक नहीं लगी। किसी भी मंत्री, विधायक या फिर चुनाव की तैयारी कर रहे पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को यही पता नहीं चल पाया कि उसके विधानसभा क्षेत्र में किसने गोपनीय सर्वे किया।