फूलों की घाटी का पैदल ट्रैक बाधित होने से करीब 86 पर्यटक वहीं फंस गए। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ और नंदा देवी पार्क प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू कर सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। इन्हें रात्रि विश्राम के लिए घांघरिया लाया गया है। इधर, नंदा देवी पार्क प्रशासन ने एहतियातन अगले तीन दिनों यानी सात अगस्त तक के लिए फूलों की घाटी में आवाजाही बंद कर दी है।
फूलों की घाटी इन दिनों पर्यटकों के लिए खुली है। हर रोज देशी-विदेशी पर्यटक घाटी की सैर को पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को अपराह्न करीब साढे़ तीन बजे बामणधोड़ के पास भूस्खलन होने से तीन सौ मीटर रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया। इससे घाटी में फूलों के दीदार को गए 86 पर्यटक वहीं फंस गए।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और नंदा देवी पार्क प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने रेस्क्यू कर सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। पर्यटकों को रात्रि विश्राम के लिए घांघरिया लाया गया है।
अब शुक्रवार को सभी पर्यटक अपने गंतव्य को लौट सकेंगे। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के रेंजर ने बताया कि घाटी का पैदल रास्ता केदारनाथ त्रासदी के दौरान भी जगह-जगह टूट गया था। तब रास्ता पूरी तरह से बना दिया गया था। फिर रास्ते को भूस्खलन से क्षति पहुंची है। जिसे सात अगस्त तक ठीक कर लिया जाएगा।