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अब 60% लाओ और ड्राइविंग लाइसेंस ले जाओ

Fri, 08 Aug 2014 04:24 PM IST
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो अब यातायात नियमों की किताबें पढ़ना शुरू कर दें। परिवहन विभाग में लर्निंग लाइसेंस बनाने की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।
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इसके तहत आवेदकों को लाइसेंस बनवाने के लिए दी जाने वाली परीक्षा में साठ फीसदी अंक लाने जरूरी होंगे। इससे कम अंक वाला आवेदक फेल माना जाएगा।

उसे दोबारा परीक्षा के लिए फिर से फीस जमा करनी होगी। लगातार तीन बार परीक्षा पास न कर पाने पर आवेदक को छह माह के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। यानी वह छह माह के बाद ही फिर आवेदन कर सकेगा।

कंप्यूटर पर होगा टेस्ट

लर्निंग लाइसेंस के लिए आने वाले आवेदकों का टेस्ट कंप्यूटर पर लिया जाएगा। फीस जमा करने के बाद आवेदक को कंप्यूटर आवंटित किया जाएगा। एक घंटे का ऑनलाइन पेपर होगा, जिसमें यातायात नियमों से संबंधित 14 सवाल होंगे।

दस मिनट में आएगा रिजल्‍ट
इस व्यवस्था की खास बात यह है कि सिर्फ दस मिनट में परीक्षा का रिजल्ट आ जाएगा। यही नहीं, साठ फीसदी अंक लाने वाले आवेदकों को उसी दिन लर्निंग लाइसेंस भी मिल जाएगा।

इससे समय की खासी बचत होगी। अभी लर्निंग लाइसेंस के लिए दी जाने वाली परीक्षा का रिजल्ट दो दिन बाद आता है।

परिवहन मंत्री करेंगे उद्घाटन

आरटीओ में यह व्यवस्था शनिवार से लागू होने वाली है। इसके लिए इन दिनों विभाग के कंप्यूटरों को नेटवर्किंग से जोड़ने का काम चल रहा है।

शुक्रवार (आज) तक यह काम पूरा हो जाएगा। शनिवार को परिवहन मंत्री सुरेंद्र राकेश इस व्यवस्था का उद्घाटन करेंगे।

..लेकिन निरक्षरों का क्या?
आरटीओ में नए सिस्टम में निरक्षरों के लिए क्या व्यवस्था होगी, यह अभी तय नहीं हो सका है। दरअसल, कामर्शियल लाइसेंस के लिए आवेदक का कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है।

लेकिन पर्सनल लाइसेंस के लिए ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं है। ऐसे में निरक्षर कंप्यूटर पर टेस्ट कैसे देंगे, यह बड़ा सवाल है। परिवहन विभाग के अधिकारी भी इसका जवाब तलाशने में जुटे हैं।
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एसी लाउंज में करें इंतजार

आरटीओ में वेटिंग एसी लाउंज भी तैयार होने वाला है। लाउंज बनने के बाद विभिन्न कार्यों से यहां आने वाले लोगों को बारी के इंतजार में धूप-बरसात नहीं सहनी होगी।

लाउंज में वे एसी में बैठ सकेंगे। लोगों की सुविधा के लिए यहां एलईडी टीवी भी लगाया जा रहा है।

डीएल बनाने की पुरानी प्रक्रिया लंबी और काफी जटिल थी। ऑनलाइन प्रोसेस से वक्त बचेगा, आवेदकों को भी सहूलियत होगी। हां, आवेदकों को तैयारी जरूर करनी होगी। लेकिन यह सड़क पर सुरक्षा के लिहाज से अच्छा है। एसी लाउंज का काम एक माह में पूरा हो जाएगा।
- संदीप सैनी, एआरटीओ प्रशासन
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