उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में झमाझम बरसे बादलों ने गल्जवाड़ी गांव में मुसीबत की बारिश की।
बुधवार देर रात हुई भारी बारिश से दौरान छह मकान ढह गए, जबकि कई घरों में मलबा घुस गया। गांव को जोड़ने वाले संतला देवी मार्ग और मसूरी बाईपास भी मलबे से अवरुद्ध हो गए।
रातभर ग्रामीण मुसीबतों से जूझते रहे, लेकिन प्रशासन ने सूचना के बावजूद राहत नहीं पहुंचाई। ग्रामीणों ने अपने स्तर से ही रास्ते खोले।
रात को बारिश के दौरान खिसकी चट्टान
उधर, राजपुर के काठ बंगला क्षेत्र में बस्ती में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। मुख्यमंत्री आवास और राजभवन से कुछ ही दूरी पर स्थित गल्जवाड़ी गांव में बुधवार रात बारिश के दौरान चट्टान खिसक गई।
इससे कई घरों पर बोल्डर गिर पड़े। ग्राम प्रधान लीला शर्मा ने बताया कि केबी गुरुंग, रुकी देवी, कुंती देवी, पूर्णिमा अधिकारी और रेशम राज के घर क्षतिग्रस्त हो गए।
कई अन्य घरों में भी पानी और मलबा भर गया। इसके अलावा गांव को शहर से जोड़ने वाले दोनों रास्ते भी अवरुद्ध हो गए। इससे लोग काम पर नहीं जा सके, वहीं बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे।
कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा
प्रधान लीला शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बुधवार रात से गुरुवार दोपहर तक कई बार सूचना दी गई।
लेकिन दोपहर तीन बजे तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। प्रधान ने बताया कि आखिर उन्होंने खुद जेसीबी मंगाकर रास्ते खुलवाए।
शर्मा ने कहा कि सीएम आवास और राजभवन के पास होने के बावजूद गांव के प्रति प्रशासन का ऐसा उदासीन रवैया है तो दूरदराज के गांवों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
वहीं काठ बंगला में राज किशोर, मदन लाल महतो, सोमप्रकाश अरोड़ा, शूरबीर सिंह नेगी का घर क्षतिग्रस्त हो गया।
नदी किनारे बस्तियों में अटकी सांसें
बुधवार रात की बारिश ने रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारे बसी बस्तियों में लोगों की सांसें अटकाए रखीं।
बारिश होते ही इन बस्तियों के लोगों ने अपने स्तर पर ही सुरक्षा के प्रयास शुरू कर दिए थे। बस्ती वाले लोग घर छोड़ ऊंचे स्थानों की ओर निकल गए। तड़के जलस्तर घटने के बाद ही वे घर लौटे।
जलभराव ने बढ़ाई मुसीबत
रात को हुई बारिश का असर बृहस्पतिवार सुबह राजधानी की सड़कों पर भी दिखा। प्रिंस चौक, गांधी रोड, कांवली रोड, पटेलनगर, आईएसबीटी, टर्नर रोड पर जलभराव ने लोगों की मुश्किल बढ़ाए रखी।