प्रदेश का गठन हुए दो दशक से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक कृष्णानगर कॉलोनी के लोगों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। यहां के लोग क्षेत्र को नगर निगम में शामिल करने और राजस्व ग्राम की मांग को लेकर डटे हैं। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि अगर यह क्षेत्र निगम में शामिल होगा तो कॉलोनी के लोगों को हर सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो विधानसभा चुनाव में यह क्षेत्र हर बार की तरह विभिन्न दलों के प्रत्याशी के लिए केवल वोट जुटाने साधन बनकर रह जाएंगे।
लोकसभा और विधानसभा चुनाव में हर बार वोट डालते हैं, लेकिन आज तक कृष्णानगर कॉलोनी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। राजस्व ग्राम और नगर निगम में शामिल नहीं होने के कारण हम लोग बैंक से लोन लेने तक की सुविधा से वंचित हैं।
-डॉ. बीएस तिवारी
कृष्णा नगर कॉलोनी के निगम में शामिल नहीं होने के कारण यहां के लोगों के जन्म प्रमाणपत्र, बैंक लोन या अन्य दस्तावेज नहीं बन रहे हैं। यहां के लोगों को केवल मतदान का ही अधिकार प्राप्त है।
-अशोक बेलवाल
वोट देने से क्या लाभ होगा, लाभ तो तभी होगा, जब कृष्णा नगर कॉलोनी राजस्व ग्राम बने। नगर निगम और राजस्व ग्राम न होने के कारण कॉलोनी के लोग मूलभूत सुविधाओं का दंश झेल रहे हैं।
-गुलाब वर्मा
प्रदेश में इस बार जिस भी पार्टी की सरकार बनेगी, उससे हम लोगों को कोई लाभ नहीं है। हम केवल पार्टी दलों के लिए वोट मात्र साधन हैं, जबकि दो दशक से यहां के लोग केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए तरस रहे हैं।
-विभा मौर्य