लोकसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव की आचार संहिता लगने वाली है। ऐसे में सरकारी दफ्तरों में काम का अब सिर्फ एक दिन सोमवार का बचा है।
विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजने में कंजूसी
इसके बावजूद विधायक और सांसद अपनी निधि से विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजने में कंजूसी बरत रहे हैं। जनप्रतिनिधि अब भी नहीं जगे तो मंगलवार से संहिता लागू होने के बाद प्रस्तावों को जुलाई तक मंजूरी नहीं मिल पाएगी।
बता दें कि वर्ष 2013-14 के लिए जिले के हर विधायक को ढाई करोड़ रुपए बतौर निधि मिले थे, लेकिन अब तक कोई विधायक यह रकम पूरी खर्च नहीं कर सका है।
सहदेव, अग्रवाल, जोशी अव्वल
विधायक निधि खर्च करने के मामले में सहसपुर विधायक सबसे आगे हैं। वह निधि की 86 फीसदी रकम खर्च कर चुके हैं।
इनके बाद धर्मपुर विधायक और कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल 82 प्रतिशत और मसूरी विधायक गणेश जोशी 75 प्रतिशत आते हैं।
प्रीतम, राजकुमार, नवप्रभात फिसड्डी
वर्ष 2013-14 में अप्रैल महीने तक कांग्रेस विधायक नवप्रभात सबसे कम 32 फीसदी, राजकुमार 48, प्रीतम सिंह 50 फीसदी निधि खर्च कर पाए हैं। हालांकि मई में कुछ विधायकों ने जरूर प्रस्ताव भेजे हैं।
सांसद की 58 फीसदी निधि बाकी
सांसद तरुण विजय को तीन साल में 405 लाख रुपये की सांसद निधि मिली, लेकिन खर्च केवल 171 लाख रुपए हुए हैं। वर्ष 2011-12 में उन्होंने दो प्रस्ताव भेजे, जबकि इस साल एक भी प्रस्ताव नहीं भेजा।
विधायक निधि वर्ष 2013-14
विधायक - भेजे प्रस्ताव - व्यय प्रतिशत
प्रीतम सिंह - 248 - 50
नवप्रभात - 133 - 32
राजकुमार - 42 - 48
दिनेश अग्रवाल - 115 - 84
हरबंस कपूर - 72 - 66
गणेश जोशी - 121 - 75
उमेश शर्मा - 75 - 70
प्रेमचंद अग्रवाल - 124 - 68
रमेश पोखरियाल - 174 - 74
सहदेव पुंडीर - 162 - 86
आरबी गार्डनर - 48 - 72