वेतन विसंगति के खिलाफ उत्तरांखड में मिनिस्ट्रीयल कर्मियों ने शनिवार को दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार किया।
अब निर्णायक संघर्ष छेड़ेंगे कर्मचारी
परेड ग्राउंड में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि यह दो दिवसीय कार्य बहिष्कार चेतावनी के रूप में था। वेतन विसंगति दूर कराने के लिए कर्मचारी अब निर्णायक संघर्ष छेड़ेंगे।
उत्तरांचल फेडरेशन आफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले 44 विभागों के 32 हजार मिनिस्ट्रीयल कर्मियों ने प्रदेश भर में कार्य बहिष्कार किया।
शनिवार को भी कर्मियों ने दफ्तरों में जाकर दस्तखत किए और परेड ग्राउंड स्थित सभा स्थल पर पहुंचे। सभा में वक्ताओं ने कहा कि सारे संवर्गों का वेतनमान बढ़ा है और मिनिस्ट्रीयल कर्मियों का घटा है।
उसकी वजह थी मिनिस्ट्रीयल कर्मियों ने समय से अपनी मांग नहीं उठाई। इस मौके पर वक्ताओं ने हिमाचल प्रदेश और पंजाब में दिए जा रहे मिनिस्ट्रीयल संवर्ग के वेतनमान की उत्तराखंड से तुलना की।
संशोधित वेतनमान लेकर रहेंगे
उन्होंने कहा कि अब संशोधित वेतनमान लेकर रहेंगे। जैसे ही पंचायत चुनाव खत्म होंगे दो दिवसीय कार्य बहिष्कार फिर किया जाएगा। सरकार ने मांग न मानी तो फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।
सभा में प्रांतीय महामंत्री सुनील दत्त कोठारी, सुभाष देवलियाल, आरपी जुयाल, सुशील जोशी, दीपचंद बुडलाकोटी, पूर्णानंद नौटियाल, आशीष वर्मा, राजेंद्र सिंह, किरण पाल, मुकेश ध्यानी, राजेश डोबरियाल, एमआर खंडूड़ी, यशवीर सिंह, मुकेश नवानी आदि रहे।