अब रिद्धिमा पांडे ने दस नवंबर को 14 देशों के बच्चों के साथ जलवायु परिवर्तन पर आए संकट को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस के समक्ष याचिका दायर की है।
याचिका में यह जताई है चिंता
याचिका में विश्वभर में 14 बच्चों ने कहा है कि अवैध खनन, जंगलों का कटान, प्रदूषण के कारण लगातार जलवायु परिवर्तन से असंतुलन पैदा होने से खतरा बढ़ रहा है। भारत में भी मनुष्य की सुख सुविधा के लिए जंगलों को लगातार काटा जा रहा है।
जलवायु संकट पर भी आपातकाल घोषित किया जाए
गंगा और उसकी सहायक नदियों से जिस तरह खनन किया जा रहा है, उससे जलवायु पर गहरा असर पड़ रहा है। इन बच्चों का कहना है कि जिस प्रकार कोविड-19 को सभी देशों ने आपातकाल घोषित किया, उसी प्रकार जलवायु संकट पर भी आपातकाल घोषित कर जलवायु को सुरक्षित किया जाए। ताकि आने वाली पीढ़ी भी देश-दुनिया में पर्यावरण के साथ अपना जीवन मिल सके और उन्हें भी उनके प्राकृतिक अधिकार मिल सके।