समस्याओं के हल के लिए निजी रूप से दें ध्यान
सीएस ने पत्र में कहा, उत्तराखंड सैनिक बहुल राज्य है। राज्य के जांबाजों ने सेना में अधिकारी से लेकर निचले स्तर तक देश की सेवा में हमेशा विशेष योगदान व बलिदान दिया है। उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर न होने से वे अपनी संपत्ति और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के बारे में चिंतित रहते हैं, इसलिए समस्याओं के हल के लिए निजी रूप से ध्यान देना होगा।
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भूमि विवाद, भूमि मुआवजा, पुलिस सुरक्षा, बैंक से ऋण, बैंक में पेंशन, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक अनुदान, बिजली, पानी की समस्या आदि के समाधान को डीएम की अध्यक्षता में जिलास्तरीय व शासन स्तर पर सचिव गृह की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय समिति है, जिसमें नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। इन समितियों और नोडल अधिकारियों को पूर्व सैनिकों, सैनिकों व उनके आश्रितों की समस्या का समाधान एक निश्चित समय-सीमा पर करना है और शासन को इसकी सूचना मुहैया करानी है।