नैनीताल हाईकोर्ट परिसर में बुधवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष को भावपूर्ण विदाई दी गई।
बहुत अच्छा और यादगार रहा समय
विदाई समारोह में मुख्य न्यायाधीश बारिन घोष ने सभी न्यायमूर्तियों को सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि ये चार साल मेरे लिए बहुत अच्छा और यादगार समय रहा।
बारिन घोष की सेवानिवृत्ति के बाद न्यायामूर्ति वीके बिष्ट को एक्टिंग चीफ जस्टिस का कार्य सौंपा गया है।
समारोह में बार अध्यक्ष एमसी पंत ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश के साथ हमारा खट्टा-मीठा अनुभव रहा। उन्होंने कभी हमें कड़वी दवा दी तो कभी मीठी।
पौड़ी जिले के मूल निवासी हैं एक्टिंग चीफ जस्टिस
बारिन घोष की सेवानिवृत्ति के बाद न्यायामूर्ति वीके बिष्ट को एक्टिंग चीफ जस्टिस का कार्य सौंपा गया है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल नरेंद्र दत्त ने यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के डिप्टी सेक्रेट्री एचसी भाटिया के हस्ताक्षर से इस बारे में गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
इसमें बताया गया है कि भारत के राष्ट्रपति की ओर से जस्टिस वीके बिष्ट को 5 जून से निर्वतमान चीफ जस्टिस के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय का दायित्व सौंपा गया है।
जस्टिस वीके बिष्ट का जन्म 17 सितंबर 1957 को जिला पौड़ी के लैंसडौन में हुआ था। उन्होंने पौड़ी से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त की।
संस्कृत से एमए करने के बाद उन्होंने इलाहाबाद विवि से एलएलबी किया। 1984 में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकरण कराने के बाद उन्होंने वकालत शुरू कर दी। इलाहाबाद में वे स्टेडिंग काउंसिल और लीगल एडवाइजर रहे।
उत्तराखंड राज्य बनने के बाद उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। 1 जुलाई 2004 को वे सीनियर एडवोकेट नियुक्त किए गए, जिसके बाद 1 नवंबर 2008 को उन्हें हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति के रूप में नियुक्त किया गया।