भारतीय सैन्य अकादमी में तैनात राजस्थान के एक सैन्य कर्मी से बिजली बिल के नाम पर साइबर ठगों ने दो लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को अजमेर विद्युत वितरण निगम का अधिकारी बताकर ठगी की। साइबर क्राइम पुलिस की जांच के बाद कैंट पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैंट कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में आईएमए में तैनात राजस्थान निवासी छैल सिंह चौहान ने बताया कि मोबाइल पर एक संदेश आया, जिसमें लिखा था कि आपका बिजली बिल बकाया है, जिससे बिजली काट दी जाएगी। मैसेज में उन्हें बिजली बोर्ड अधिकारी का एक नंबर देकर उस पर फोन करने के लिए कहा गया। पीड़ित के मुताबिक, जब उसने दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो बताया गया कि उनका पैसे अजमेर विद्युत वितरण निगम के पोर्टल में फंसा है। इसके बाद उसे बिल नंबर और बिल डिटेल भेजने को कहा।
इस पर उसने भेज दिया। इसके बाद उसे बिल डेस्क एवीवीएनएल डाउनलोड करने के लिए कहा गया। बताया कि जैसे ही उसने एप डाउनलोड किया तो फोन करने वाले ने क्रेडिट कार्ड के अंतिम चार नंबर पूछे। इसके बाद उसका फोन हैक हो गया और खाते से दो बार में एक लाख 99 हजार 998 रुपये निकल गए। इसके बाद भी और पैसे निकालने की कोशिश की, लेकिन खाते में पैसा न होने के कारण ट्रांजेक्शन नहीं हो पाए। कैंट कोतवाली प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।