पूर्व ग्राम प्रधान मायाराम गोस्वामी ने बताया कि गौरीकुंड पहले से यात्रा का मुख्य पड़ाव रहा है। प्रशासन ने व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया है, जो स्वागत योग्य है। बता दें कि अमर उजाला ने 17 मई के अंक में इस मुद्दे पर प्रमुखता से उठाया था।
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गंगोत्री व यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान 57 तीर्थयात्री अनफिट पाए गए। इनमें सात यात्री वापस लौट गए, जबकि अन्य यात्री अपने जोखिम पर धामों की ओर रवाना हुए। सीएमओ डा. केएस चौहान ने बताया कि यमुनोत्री मार्ग पर 5532 तीर्थ यात्रियों की स्क्रीनिंग व 951 यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की गई। डा. चौहान ने बताया कि यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य विभाग की 15 एंबुलेंस व 108 सेवा की 14 एंबुलेंस तैनात हैं। पांच एंबुलेंसों में एडवांस लाइफ सपोर्ट सुविधा है।