उनियाल ने कहा कि पिछले साल जुलाई में एक दिन में गंगोत्री धाम में आने वाले यात्रियों की सर्वाधिक संख्या 70 थी। इसी तरह यमुनोत्री धाम में 40, केदारनाथ धाम में 180 और बदरीनाथ धाम में एक दिन में सबसे अधिक 400 यात्री आए थे। उन्होंने कहा कि उस समय यात्रा पूरे देश के लिए खुली थी।
चारों धामों में 750 से ज्यादा यात्री नहीं रहेंगे
बकौल उनियाल, एक जुलाई से यात्रा शुरू करने के लिए तय किया गया कि चारों धामों में 750 से ज्यादा यात्री नहीं रहेंगे। इसके लिए 15 दिन पूर्व ही देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड व संबंधित जिला प्रशासन को यात्रा की तैयारी करने के आदेश दे दिए गए थे, लेकिन यात्रा शुरू होने का समय आया तो न्यायालय ने स्थगनादेश दे दिया।
बताया कि उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय जाने का फैसला कर लिया है। इसकी तैयारी हो चुकी है। जल्द सर्वोच्च न्यायालय याचिका दायर हो जाएगी।