यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों की दिक्कतों को देखते हुए देवस्थानम बोर्ड ने अब मैन्युअली ई-पास जारी करने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को बोर्ड ने करीब 150 तीर्थयात्रियों को पास जारी किए। जिस पर तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली।
पहले धाम यमुनोत्री में बड़ी संख्या में पहुंच रहे तीर्थयात्रियों को ई-पास और देवस्थानम बोर्ड के पास आदि नियमों के चलते परेशानी झेलनी पड़ रही थी। यहां चारों धामों में सबसे कम 400 तीर्थयात्रियों के दर्शन की अनुमति होने और इसके सापेक्ष ज्यादा तीर्थयात्रियों के पहुंचने और सर्वर के काम नहीं करने की वजह से ई-पास नहीं बनने से यात्रियों को दुबाटा में रोका जा रहा था। जिससे तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
अमर उजाला ने तीर्थयात्रियों की समस्याओं को प्रमुख से प्रकाशित किया, तो मंगलवार को देवस्थानम बोर्ड ने यात्रियों को मैन्युअली ई-पास जारी करने शुरू कर दिए। बोर्ड ने करीब 150 यात्रियों को मैन्युअली ई-पास जारी किया। धाम के अंतिम पड़ाव जानकीचट्टी तक 224 यात्री पहुंचे, जिनमें से 74 तीर्थयात्रियों का ई-पास बना हुआ था। ई-पास जारी करने में लगे जयप्रकाश सेमवाल ने बताया कि अभी फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। यहां पर तीर्थयात्रियों को नहीं रोका जा रहा है। एसओपी का अनुपालन कर उन्हें यमुनोत्री की ओर जाने दिया जा रहा है।
बिना ई-पास के पांडुकेश्वर में रोके 400 यात्री
बदरीनाथ धाम की यात्रा को लेकर कड़े नियम यात्रियों की परेशानी का सबब बने हुए हैं। मंगलवार को पांडुकेश्वर में पुलिस ने ई-पास नहीं होने पर करीब 400 लोगों को रोक दिया। यात्री आगे जाने के लिए पुलिस से गुहार लगाते रहे। मंगलवार को बदरीनाथ यात्रा के लिए कर्नाटक, उड़ीसा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए हुए करीब 400 लोगों के पास ई-पास नहीं था, जिसके चलते पुलिस ने उनको रोक दिया। गोविंदघाट पुलिस थाने के एसओ बृजमोहन राणा ने बताया कि ई-पास वाले किसी भी यात्री को रोका नहीं जा रहा है, जिनके पास ई-पास नहीं है उनका अगले दिन पंजीकरण संख्या में आगे जाने दिया जा रहा है।