आपदा के बाद से गंगोत्री धाम में बिजली और सड़क व्यवस्था ठीक नहीं हो सकी है। मगर बाकी व्यवस्थाएं सामान्य हैं।
लिहाजा श्रद्धालुओं को धामों के दर्शन के लिए आना चाहिए। श्रीगंगोत्रीधाम के दर्शन कर लौटे दिल्ली के यात्री दल ने अमर उजाला से अपने अनुभव बांटे।
धीरे-धीरे धाम में जुटाई जा रही व्यवस्थाएं
दल बीती एक मई को यात्रा पर रवाना हुआ था, जो शनिवार शाम तीर्थनगरी लौट आया। दल के सदस्यों ने बताया कि धाम में धीरे-धीरे व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं। श्रद्धालु सतेंद्र राणा ने बताया कि गंगोत्री धाम में दैवी आपदा के बाद से अंधेरा पसरा है।
श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है। 86 वर्षीय राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि यात्रा मार्गों की स्थिति खराब है। मंदिर तक पहुंचने का मार्ग छोटे वाहनों के लिए भी ठीक से तैयार नहीं हो सका है।
सुदेश कुमार बताते हैं कि गंगोत्री धाम मार्ग में सड़क और आसपास के इलाकों में सन्नाटा पसरा है। सुकून की बात यह है कि मंदिर के आसपास दुकानों की अच्छी व्यवस्था की गई है।
धर्मपाल मलिक ने बताया कि जल प्रलय के बाद से धाम और आसपास के इलाके की स्थिति बदहाल है। मगर वहां रह रहे लोग श्रद्धालुओं की आमद देखकर बेहद खुश दिखे।
मलिक के मुताबिक वहां सड़क और बिजली छोड़ बाकी सब सामान्य है। श्रद्धालुओं को बिना भय दर्शन के लिए आना चाहिए।
हुए 5000 रजिस्ट्रेशन
चारधाम यात्रा के लिए रविवार शाम तक 5000 यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया। यात्रा मार्गों पर विभिन्न पड़ावों पर बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।
संभावना है कि कई यात्री बिना पंजीकरण कराए ही आ सकते हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार से हिमाचल की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए डामटा (जौनसार क्षेत्र) में भी रजिस्ट्रेशन सेंटर खुलने की संभावना है।