सरकार का काम चारधाम यात्रा की व्यवस्थाएं बनाना है न कि तीर्थयात्रियों की संख्या को सीमित करना। यात्रा से जुड़े लोगों ने बैंकों से लाखों रुपये का कर्ज लेकर होम स्टे और होटल बनाए लेकिन तीर्थयात्रियों की संख्या सीमित कर लोगों का रोजगार छीना जा रहा है।
कहा गया कि बदरीनाथ धाम में एक दिन में 35 से 40 हजार तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है, फिर क्यों रजिस्ट्रेशन के नाम पर यात्रियों की संख्या सीमित की जा रही है। प्रदर्शन करने वालों में परमजीत भंडारी, अरविंद शर्मा, कौशल भंडारी, नवीन मेहता, अतुल शर्मा आदि मौजूद रहे।