चढ़ावे में दान राशि की गिनती की पारदर्शी व्यवस्था बनेगी
बदरी-केदार मंदिर समिति चढ़ावे में दान राशि की गिनती की पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अजेंद्र के मुताबिक, सभी प्रमुख मंदिरों में ड्रेस कोड की व्यवस्था है। बगैर जेब वाले परिधान के साथ ही दान राशि की गिनती करने वाले कर्मचारियों को किसी भी तरह के आभूषण पहनने की मनाही है। लेकिन ठंडे मौसम के चलते बगैर जेब वाले परिधान की व्यवस्था यहां संभव नहीं है। इसलिए एक ऐसी पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर विचार हो रहा है, जो पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरे की नजर में होगी। इसके लिए सरकारी अधिकारी को नियमित रूप से तैनात किया जाएगा। मंदिर समिति के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए भी अलग से वर्दी पर विचार हो रहा है।
पुजारियों व कर्मचारियों के दान-दक्षिणा लेने पर होगी रोक
मंदिर समिति पुजारियों व कर्मचारियों पर मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं से दान-दक्षिणा लेने पर रोक लगा सकती है। अध्ययन टीम ने यह जानकारी दी है कि चारों प्रमुख मंदिरों में मंदिर प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों व पुजारियों पर दान दक्षिणा लेने पर सख्त रोक है।
पिछले साल मिला करीब 65 करोड़ का चढ़ावा
पिछली बार यात्रा के दौरान मंदिर समिति को श्रद्धालुओं से 65 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ। पारदर्शी व्यवस्था से श्रद्धालु दान पात्रों में चढ़ावा दे सकेंगे। इससे मंदिर समिति की आय में वृद्धि हो सकेगी।
देश के चार प्रमुख मंदिरों की व्यवस्था का अध्ययन करके लौटी टीम ने रिपोर्ट दे दी है। इनका प्रस्तुतिकरण हो चुका है। श्रद्धालुओं व मंदिर व्यवस्था हित में जो सुझाव व्यवाहारिक होंगे, उन्हें शामिल करते हुए एक एसओपी तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद इसे जारी किया जाएगा।
- अजेंद्र अजय, अध्यक्ष, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति