केंद्रीय जल आयोग के चेयरमैन एस मसूद हुसैन ने बताया कि अब तक पंचेश्वर बांध को लेकर भारत सरकार की विशेषज्ञों की टीम ने डैम क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण नहीं किया था। पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने बताया कि स्थलीय निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पावर हाउस क्षेत्र में बनाई जा रही सुरंग के निर्माण कार्यों को देखने के साथ यहां की चट्टानें किस प्रकार की हैं, यह देखना था। इस दौरान डैम साइड कैसी है, क्या टोपोग्राफी है, नदी की हालत आदि का भी निरीक्षण किया गया।
उन्होंने बताया कि भारत और नेपाल के बीच बनने वाले पंचेश्वर बांध की डीपीआर में कई कई मुद्दे सुलझ गए हैं, कुछ मुद्दों को लेकर अभी सहमति होनी शेष है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच बांध को लेकर सहमति बनने के बाद डीपीआर तैयार करने में अधिक समय नहीं लगेगा।