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केंद्रीय जल आयोग की टीम ने किया पंचेश्वर बांध क्षेत्र का निरीक्षण, कई मुद्दों पर बनी सहमति 

Fri, 30 Nov 2018 08:21 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
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पंचेश्वर बांध क्षेत्र का निरीक्षण करती केंद्रीय जल आयोग की टीम
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केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के चेयरमैन एस मसूद हुसैन के नेतृत्व में बांध विशेषज्ञों की टीम ने बृहस्पतिवार को पंचेश्वर में प्रस्तावित बांध क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन सुरंग और चट्टानों को भी देखा। चेयरमैन एस मसूद हुसैन ने बांध विशेषज्ञों के साथ कार्यदायी कंपनी वॉप्कोस के अधिकारियों के साथ बैठक की और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ काम करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने उन्हें बांध से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी।

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इस दौरान उन्होंने नेपाल क्षेत्र में बनाई जा रही सुरंगों को भी दूर से देखा। वॉप्कोस के अधिकारियों ने बताया कि सुरंग की 325 मीटर खुदाई पूर्ण हो चुकी है। नेपाल की ओर भी दो सुरंगों का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें भी काफी काम हो चुका है।

टीम में शामिल एसके हलधर, एमएस रेड्डी, एसके सिब्बल ने भी निर्माण कार्यों को देखा। इस दौरान नेपाली अधिकारियों की ओर से आयोग की टीम को गमछे भेंट किए गए। इस मौके पर डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय, पीडीए के सीईओ अशोक गोयल, चीफ इंजीनियर मुन्नी लाल, राजेश कुमार, गोर्वधन प्रसाद, रंजीत गौर, सीडब्ल्यूसी के एसई रामजीत वर्मा, हरि प्रकाश चौरसिया, विजय चौधरी, एसएन जोशी, विजय पंत आदि थे।

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दोनों देशों के बीच डीपीआर के कई मुद्दों पर सहमति बनी

केंद्रीय जल आयोग के चेयरमैन एस मसूद हुसैन ने बताया कि अब तक पंचेश्वर बांध को लेकर भारत सरकार की विशेषज्ञों की टीम ने डैम क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण नहीं किया था। पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने बताया कि स्थलीय निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पावर हाउस क्षेत्र में बनाई जा रही सुरंग के निर्माण कार्यों को देखने के साथ यहां की चट्टानें किस प्रकार की हैं, यह देखना था। इस दौरान डैम साइड कैसी है, क्या टोपोग्राफी है, नदी की हालत आदि का भी निरीक्षण किया गया।

उन्होंने बताया कि भारत और नेपाल के बीच बनने वाले पंचेश्वर बांध की डीपीआर में कई कई मुद्दे सुलझ गए हैं, कुछ मुद्दों को लेकर अभी सहमति होनी शेष है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच बांध को लेकर सहमति बनने के बाद डीपीआर तैयार करने में अधिक समय नहीं लगेगा।
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