अर्धकुंभ से पहले जल संसाधन और नदी विकास मंत्रालय ने उत्तराखंड की कई प्रस्तावित योजनाओं को मंजूरी दे दी है। इसके तहत केंद्र सरकार अर्द्धकुंभ के आयोजन में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत हर संभव सहयोग करेगी। हरिद्वार के चंडीघाट के पास एक नया घाट विकसित होगा। निर्माण का प्रबंधन सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई (पीएसयू) करेगी। इस योजना से संबंधित कार्य अगले माह शुरू हो जाएंगे।
केदारनाथ का भी होगा कायाकल्प
मंदाकिनी और सरस्वती नदी के तटबंधों की मजबूती और केदारनाथ में घाट के निर्माण के लिए पीएसयू के इंजीनियरों की एक टीम बनाई जाएगी। यह टीम उत्तरकाशी के नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनिंग के विशेषज्ञों की सलाह से डीपीआर बनाएगी।
केंद्रीय सार्वजनिक प्रतिष्ठान के जरिये ही ऋषिकेश के जगजीतपुर और मुनी की रेती में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। निर्माण कार्य अगले साल फरवरी में शुरू होगा।
जल संसाधन मंत्रालय के सचिव शशि शेखर और उत्तराखंड के मुख्य सचिव राकेश शर्मा की बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके बाद 25 अक्टूबर को देहरादून में केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ बैठक में भी इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।