रायपुर में प्रस्तावित विधानसभा व सचिवालय निर्माण के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने एनओसी दे दी है। लेकिन आवासीय परिसर के लिए इनकार कर दिया। केंद्र ने इसके लिए अन्य स्थान तलाशने को कहा है।
इसके लिए अगले महीने केंद्र की टीम दोबारा निरीक्षण करने देहरादून पहुंचेगी। महीने के आखिरी बुधवार को मुख्य सचिव के साथ प्रधानमंत्री की नियमित वीडियो कांफ्रेंसिंग में यह जानकारी मिली।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ऐसे मुद्दों पर बात करते हैं जो कि केंद्र और राज्य के बीच फंसे हुए हैं। प्रधानमंत्री ने बुधवार को मुख्य सचिव एन रविशंकर के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की।
पीएम मोदी बोले, 'कुछ एडजस्ट कीजिए'
मुख्य सचिव ने रायपुर में प्रस्तावित राज्य की विधानसभा के नए भवन निर्माण की तरफ पीएम का ध्यान खींचा और विधानसभा भवन व सचिवालय निर्माण के लिए एनओसी नहीं मिलने का जिक्र किया।
पीएम ने वन सचिव से पूछा तो उन्होंने बताया कि विधानसभा व सचिवालय निर्माण की एनओसी दे दी गई, आवासीय परिसर के लिए इस क्षेत्र में निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इस पर प्रधानमंत्री ने मुख्य सचिव को दूसरा विकल्प तलाशने को कहा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य गठन को पंद्रह साल हो गए हैं, दूसरे नवसृजित राज्यों में सभी जरूरतें पूरी हो चुकी हैं, कुछ एडजस्ट कीजिए और आवास के लिए भूमि का अन्य विकल्प तैयार कीजिए।
अगले महीने निरीक्षण के लिए आएगी केंद्र की टीम
पीएम ने कहा कि अगले महीने केंद्र की टीम दोबारा देहरादून जाएगी। उन्होंने मुख्य सचिव को इससे पहले पुरानी जगह का एक बार फिर मुआयना करने और नई जगह का विकल्प तैयार रखने को कहा।
बोले मुख्य सचिव
विधानसभा भवन और सचिवालय के निर्माण पर कोई एतराज नहीं है, लेकिन आवासीय परिसर के लिए केंद्र अभी राजी नहीं है। लेकिन, आवासीय परिसर 10-15 किलोमीटर दूर स्थापित होता है तो उद्देश्य पूरा नहीं होगा। इसलिए केंद्र के वरिष्ठ अफसर अगले महीने एक बार फिर आएंगे और मुआयना करेंगे।
-एन रविशंकर, मुख्य सचिव