अब बिपिन गांव कभी नहीं आएगा
बुधवार को जनरल रावत की हादसे में मौत की खबर से पूरा गांव स्तब्ध है। उनके चाचा भरत सिंह बताते हैं कि सड़क तो बनेगी, लेकिन अब बिपिन गांव कभी नहीं आएगा। द्वारीखाल के ब्लाॅक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा का कहना था कि जनरल रावत केवल उत्तराखंड ही नहीं पूरे भारत का गौरव थे। उनके निधन से देश ने एक वीर सपूत खो दिया है।
वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, यमकेश्वर की विधायक ऋतु खंडूड़ी, महिला कांग्रेस की प्रांतीय महामंत्री रंजना रावत, अधिवक्ता जगमोहन भारद्वाज समेत कई सामाजिक संगठनों ने उनके निधन को देश की बड़ी क्षति बताया है।
सैनिकों के लिए आवास योजना फेज-2 का किया था शिलान्यास
जनरल बिपिन रावत ने थल सेना अध्यक्ष रहते हुए 30 अप्रैल, 2018 को कोटद्वार के एमटी कैंप में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर लैंसडौन की ओर से सैनिकों के परिवारों के लिए परिवार आवास योजना फेज-3 का शिलान्यास किया था। तब गढ़वाल राइफल्स के कर्नल ऑफ रेजीमेंट उपसेना प्रमुख लेफ्टीनेंट जनरल शरत चंद और लेफ्टिनेंट जनरल हरीश ठुकराल भी इस कार्यक्रम में शामिल रहे थे।
उनका मानना था कि देश की रक्षा करते समय गढ़वाली सैनिक अपने घर परिवार को भूलकर देश की रक्षा में जुटा रहता है, ऐसे में सैनिकों के परिवार को सुरक्षा और सुविधाएं मुहैया कराने के लिए आवास योजना बनाई गई थी। शुरुआत में कोटद्वार में 250 फेमली क्वाटर बनाने प्रस्तावित किए गए थे।