अधिवक्ता राजेश सूरी ने उठाया था मामला
अंगेलिया हाउसिंग की सात हजार बीघा भूमि में फर्जीवाड़े का मामला अधिवक्ता राजेश सूरी ने वर्ष 2004 में उठाया था। उन्होंने इसकी शिकायत विभिन्न विभागों से करने के साथ एक याचिका हाईकोर्ट में भी दाखिल की थी। आरोप लगाया था कि इस जमीन को फर्जीवाड़ा कर खुर्दबुर्द किया जा रहा है। राजेश याचिका की सुनवाई के लिए नैनीताल आते-जाते रहते थे। वर्ष 2014 में नैनीताल से लौटते वक्त उनकी रहस्यमय ढंग से मौत हो गई थी। उनकी बहन रीता सूरी ने हत्या का आरोप लगाते हुए रविकांत किरियाना समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाली में दर्ज इस मुकदमे की विवेचना अब भी एसपी क्राइम की अध्यक्षता वाली एसआईटी कर रही है।
सरकार में निहित हो चुकी है जमीन
अधिवक्ता की हत्या के बाद भी जमीन को खुर्द बुर्द करने का काम बंद नहीं हुआ। राजेश सूरी के बाद इस लड़ाई को उनकी बहन रीता सूरी ने आगे बढ़ाया। अब वह इस मामले की पैरवी कर रही हैं। एक याचिका हाईकोर्ट में लंबित है। वर्ष 2019 में उनकी अर्जी पर ही इस जमीन को राज्य सरकार में निहित किया जा चुका है।