कोरोना मरीजों से ज्यादा शुल्क वसूलने के आरोप में एक निजी अस्पताल के खिलाफ सीएमओ की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि सीएमओ कार्यालय की चेतावनी के बावजूद अस्पताल ने मरीजों के पैसे वापस नहीं किए। इसमें सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया गया था।
सरकार ने दो सितंबर 2020 को शासनादेश जारी किया था। जिसमें निजी अस्पताल में कोरोना उपचार की दर तय की गई थी। कई अस्पताल मरीजों से तय दर से अधिक धन वसूल रहे थे। आरोप है कि शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित निजी अस्पताल ने भी कोरोना मरीजों के उपचार के लिए ज्यादा रुपये लिए गए। इस पर अस्पताल में उपचार करने वाले छह मरीजों के परिजनों सीएमओ कार्यालय में शिकायत की थी। सीएमओ ने मुकदमा दर्ज करने के लिए एसएसपी को भेजी तहरीर में बताया कि अस्पताल को कई बार चेतावनी दी गई। बावजूद इसके मरीजों से ज्यादा लिए रुपये वापस नहीं किए।
अस्पताल के अधिकारियों को बुलाया गया तो वह भी आखिरी दो बार में नहीं पहुंचे। शहर कोतवाल रितेश साह ने बताया कि अस्पताल प्रबंधक/चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस साक्ष्य जुटाकर मामले की जांच कर रही है। बता दें कि सीएमओ कार्यालय में कोरोना मरीजों से अधिक शुल्क लिए जाने की शिकायतों की जांच के लिए एक टीम बनी हुई है। टीम अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये निजी अस्पतालों से मरीजों को वापस करवा चुकी है।