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देशभर के 56 कैंट बोर्डों को भंग करने के आदेश जारी, 10 को खत्म हो जाएगा कार्यकाल

Tue, 02 Feb 2021 03:55 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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कैंट बोर्ड देहरादून - फोटो : अमर उजाला
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रक्षा मंत्रालय ने देशभर के 56 कैंट बोर्डों को भंग करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें उत्तराखंड के सभी नौ कैंट बोर्ड भी शामिल हैं। कैंट बोर्ड का कार्यकाल 10 को खत्म हो जाएगा। यह आदेश 11 फरवरी से प्रभावी होगा। रक्षा मंत्रालय ने जल्द से जल्द चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।

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बता दें, कैंट बोर्डों को कार्यकाल पांच साल का होता है। इस बार पांच साल का कार्यकाल एक साल पहले खत्म हो गया था, लेकिन चुनाव न होने के कारण कार्यकाल को छह माह और फिर छह माह का दूसरा एक्सटेंशन दे दिया गया था।

वर्तमान में कैंट बोर्डों का एक्सटेंशन का समय 10 फरवरी को खत्म हो रहा है। कैंट बोर्ड एक्ट में कार्यकाल को अधिकतम दो बार ही बढ़ाने का प्रावधान है। लिहाजा रक्षा मंत्रालय ने प्रदेश के नौ कैंट बोर्डों के साथ ही देश के सभी 56 कैंट बोर्डों को भंग कर दिया है।
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यह आदेश 11 फरवरी से प्रभावी होगा। इसके बाद अब बोर्ड में सभी निर्वाचित सदस्यों के साथ ही उपाध्यक्ष और सेना के अधिकारियों की सभी शक्तियां खत्म हो जाएंगी। जल्द चुनाव नहीं होते हैं तो अब कैंट बोर्ड में अध्यक्ष, सीईओ के साथ ही एक नामित सदस्य बोर्ड को संचालित करेंगे। हालांकि इसके लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। कैंट बोर्ड गढ़ी सीईओ तनु जैन ने रक्षा संपदा विभाग की ओर से जारी आदेश की पुष्टि की है।

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औपचारिकता : अतिक्रमण के नाम पर हटाए सिर्फ छप्पर 

प्रेमनगर क्षेत्र के त्यागी मार्केट में सोमवार को अतिक्रमण हटाने गई गढ़ी कैंट बोर्ड की टीम सिर्फ औपचारिकता करती नजर आई। बिना नक्शा लिए पहुंची कैंट बोर्ड की टीम को व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। इसके चलते टीम सिर्फ कुछ लोगों के छप्पर हटाकर ही चली गई। 

बता दें, पुलिस बल न मिलने के कारण गढ़ी कैंट बोर्ड प्रशासन प्रेमनगर क्षेत्र के त्यागी मार्केट के आसपास हुए अतिक्रमण को हटा नहीं पा रहा था। इसके कारण अतिक्रमण हटाओ अभियान कई बार टालना पड़ा। सोमवार को पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण अभियान चलाना था, लेकिन इस बार कैंट बोर्ड प्रशासन की टीम नक्शा ले जाना भूल गई। इसके चलते टीम को व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। इसके चलते अवैध अतिक्रमण तो दूर टीम दुकानों के आगे कब्जा किए फुटपाथों पर भी जेसीबी चलाने से हिचकती रही।

कैंट बोर्ड की ओर से पिछले बृहस्पतिवार को त्यागी मार्केट में मोहनपुर बिजली दफ्तर तक दोनों तरफ निशान लगाए थे। सोमवार को जैसी ही पुलिस फोर्स के साथ टीम प्रेमनगर चौराहे पर पहुंची, व्यापारियों ने टीम को घेर लिया और नोटिस व समय देने की मांग करने लगे। व्यापारियों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम के पास नक्शा भी नहीं था। इसके लेकर  व्यापारियों और कैंट बोर्ड की टीम के बीच नोकझोंक भी हुई।

इसके बाद टीम को अपने कदम पीछे हटाने पड़े। टीम फुटपाथों से भी अतिक्रमण नहीं हटवा पाई। टीम दोपहर 12:30 से शाम पांच बजे तक अतिक्रमण हटाने की महज औपचारिकता निभाती रही। टीम में जेई नवनीत क्षेत्री, सफाई अधीक्षक नरेंद्र कुमार, सफाई इंस्पेक्टर मनोज बिष्ट, सहित कैंट बोर्ड के अन्य अधिकारी मौजूद रहेे। वहीं व्यापारियों में राजीव पुंज, भूषण भाटिया, रवि भाटिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे। 

बिना नपाई और नक्शे के साथ पहुंची थी टीम 
त्यागी मार्केट के व्यापारियों का कहना था कि यहां कई लोगों ने फुटपाथों को भी घेर रखा है। कई दुकानों के आगे दो से तीन फिट तक कब्जे हैं, लेकिन टीम सिर्फ अंदाजे से अतिक्रमण हटाने की कोशिश कर रही थी। टीन के पास न तो कोई नक्शा था और न ही नपाई करने वाले लोग। 
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