फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चिंताजनक : उत्तराखंड में बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले, घातक बीमारी की चपेट में हर साल आ रहे हैं 10 से 11 हजार लोग

Sun, 24 Apr 2022 04:42 PM IST
रेनू सकलानी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून

सार

कैंसर के मामलों में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में तीसरे स्थान पर है। असम राज्य में 2020 में सबसे अधिक 37880 कैंसर के मामले सामने आए। 2020 में ही असम के बाद जम्मू कश्मीर में 12,726 कैंसर के मामले दर्ज हुए। उत्तराखंड के बाद हिमाचल राज्य में 2020 में 8799 मामले कैंसर सामने आए।
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड राज्य में कैंसर अब सबको डराने लगा है। हर साल राज्य के हजारों लोग इस घातक की रोग के चपेट में आ रहे हैं। ज्यादातर मामलों में लोगों को इस रोग के बारे में तब जानकारी मिल रही है, जब वे किसी दूसरे रोग का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। सिर्फ उत्तराखंड में ही नहीं, स्वास्थ्यवर्द्धक आबोहवा वाले हिमालयी राज्यों में कैंसर के मामलों में हो रही बढ़ोतरी चिंता का कारण मानी जा रही है।

विज्ञापन


पिछले दिनों संसद सत्र के दौरान लोस में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम की रिपोर्ट के हवाले से राज्यवार कैंसर के मामलों के जो आंकड़े दिए थे, उसमें उत्तराखंड की तस्वीर चिंता में डालने वाली है। 2018 में उत्तराखंड में 10932 कैंसर के मामले सामने आए थे। 2020 तक कैंसर के मामले बढ़कर 11482 मामले हो गए। यह संख्या चार से पांच फीसद की दर से बढ़ रही है।

इतना ही नहीं राज्य में हर साल छह हजार से अधिक लोगों की मौत की वजह कैंसर बन रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कैंसर के मामलों में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में तीसरे स्थान पर है। असम राज्य में 2020 में सबसे अधिक 37880 कैंसर के मामले सामने आए। 2020 में ही असम के बाद जम्मू कश्मीर में 12,726 कैंसर के मामले दर्ज हुए। उत्तराखंड के बाद हिमाचल राज्य में 2020 में 8799 मामले कैंसर सामने आए।
विज्ञापन

 

उत्तराखंड में कैंसर के मामले

वर्ष 2018 2019 2020
मामले 10,932 11,216 11482
मौतें  6,028 6,184 6,337


हिमालयी राज्यों में कैंसर के मामले
राज्य   2018 2019 2020
उत्तराखंड 10,932 11,216 11,482
हिमाचल 8,412 8,589 8,799
जम्मू और कश्मीर 12,071 12,396 12,726
अरुणाचल प्रदेश 991   1,015,  1,035
सिक्किम 437     443     445
नागालैंड   1,684   1,719     1,768
मणिपुर 1,803   1,844 1,899
मिजोरम 1,742 1,783 1,899
मेघालय 2,741   2,808   2,879
असम 36,029 36,948 37,880
त्रिपुरा  2,454 2507 2574

स्रोत : राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम रिपोर्ट
विज्ञापन

शराब, बीड़ी व सिगरेट बड़े कारण

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि पर्वतीय राज्य में पुरुषों में बीड़ी, सिगरेट व शराब का सेवन कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। उनकी राय में शराब के साथ बीड़ी-सिगरेट कैंसर की संभावना को कई गुना बढ़ा देती है। उनकी राय में मिलावटी खानपान व फास्ट फूड का सेवन भी कैंसर की मुख्य कारणों में से हैं। इसके कारण कम आयु के लोगों में भी कैंसर के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।

ये भी पढ़ें...सियासत: भाजपा में जाने की अटकलों के बीच प्रीतम सिंह ने किया रुख साफ, जानिए सोनिया गांधी और राहुल को लेकर क्या कहा?

उत्तराखंड में कैंसर के ज्यादातर मामलों में शराब, सिगरेट, बीड़ी और गुटखा उत्पादों का अत्यधिक सेवन है। शराब के साथ बीड़ी व सिगरेट के सेवन से कैंसर की संभावना 15 गुना बढ़ जाती है। मुंह का कैंसर के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं। महिलाओं में पित्त व स्तन कैंसर के मामले ज्यादा हैं। मिलावट रहित खानपान, धूम्रपान से परहेज और जीवन शैली में शारीरिक कसरत को शामिल करके कैंसर के रोग से बचा जा सकता है। -डॉ. दौलत सिंह कुंवर, -प्रो. व विभागाध्यक्ष, कैंसर विभाग, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्तपाल।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें