अगर छात्र इन दोनों को पूरा नहीं करेगा तो उसका पंजीकरण मान्य नहीं होगा। यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, यह बदलाव पीएचडी या एमफिल की डिग्री प्रदान करने के लिए जरूरी होगा।
हालांकि उत्तराखंड में गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय पहले से ही इस नियम का पालन कर रहा है जबकि राज्य विश्वविद्यालयों में केवल प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही पंजीकरण हो रहे थे।