मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार की शाम कैबिनेट की बैठक बुलाई है।
कैबिनेट में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
कैबिनेट में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े दो अहम मसलों के साथ कर्मचारी हड़ताल, प्रदेश की आर्थिक स्थिति और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी और वर्कलोड को कम करने के लिए सरकार ने नई भर्ती का रास्ता निकाल रही है।
इसके लिए उच्च शिक्षा आयोग का गठन किया जा रहा है। दो साल के लिए बनाए जा रहे आयोग को कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है।
राज्य में लंबित क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट में पुनर्विचार पर भी चर्चा होगी। इसमें हो रही देरी पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिंता जताई है।
तीन बरस पहले प्रभावी हुए एक्ट से प्राइवेट अस्पतालों के मंहगे इलाज और मनमानी पर शिकंजा कस जाएगा। रावत सरकार इसे किस रूप में लागू करना चाहती है इसका खुलासा कैबिनेट की बैठक में होगा।
राज्य को नहीं मिल पा रहा केंद्र से मिलने वाला अनुदान
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ निजी अस्पतालों की लॉबी के विरोध के चलते सरकार इसे सदन में नहीं रख पाई है। एक्ट प्रभावी नहीं होने से केंद्र से मिलने वाले अनुदान भी राज्य को नहीं मिल पा रहा है।
केंद्र ने क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट 2010 की अधिसूचना 2012 में जारी की है। एक्ट लागू होने पर प्रथम चरण में एक डाक्टर के क्लीनिक से लेकर बड़े नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों का पंजीकरण अनिवार्य हो जाएगा।