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बुल्ली बाई एप मामला : असली कुसूरवार पकड़ से दूर, एक्सपर्ट के मुताबिक इस तरह बड़ी साजिश में फंस रहे युवा

Thu, 06 Jan 2022 12:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

ऊरुद्रपुर से पकड़ी गई युवती 18 वर्ष की है। उसने स्थानीय इंटरमीडिएट कॉलेज से ही पढ़ाई की और अब सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी।
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- फोटो : अमर उजाला
बुल्ली बाई एप मामले में मुंबई पुलिस ने ऊधमसिंह नगर की युवती को मुख्य आरोपी बताया है, लेकिन एक्सपर्ट की मानें तो इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है। असल साजिशकर्ता अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। यह केवल पुलिस का ध्यान भटकाने का तरीका मात्र है, ताकि पुलिस का ध्यान उनकी तरफ न जा सके। हालांकि, मुंबई पुलिस ही इस मामले में जांच कर रही है। ऐसे में उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी भी इसमें कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। 

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ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर से पकड़ी गई युवती 18 वर्ष की है। उसने स्थानीय इंटरमीडिएट कॉलेज से ही पढ़ाई की और अब सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी।

इस मामले में कुछ स्थानीय सोशल मीडिया एक्सपर्ट ने भी उसके अकाउंट को खंगाला, लेकिन कोई बात ऐसी सामने नहीं आई, जिससे लगे कि वह सीधे तौर पर इस मामले से जुड़ी थी। बुल्ली बाई एप को भी उसने एक नेपाली युवक के कहने से फर्जी अकाउंट बनाकर शेयर किया था। अब वह नेपाली युवक कौन है और कब पकड़ में आता है यह तो मुंबई पुलिस की जांच में ही बात साफ हो सकती है।  
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Bulli Bai App Case - फोटो : एएनआई
एक्स्पर्ट के मुताबिक केवल इतनी बात से कि वह तीन अकाउंट चला रही थी उसे मुख्य आरोपी कहना गलत होगा। अभी पुलिस को इसमें और तह तक जाने की जरूरत है। नाम न छापने की शर्त पर एक एक्सपर्ट ने बताया कि यह सोशल मीडिया के जाल में फंसी युवती भी हो सकती है। चूंकि, इस मामले में जांच मुंबई पुलिस ही कर रही है तो उत्तराखंड पुलिस के अधिकारी इस मामले में कुछ नहीं बता पा रहे हैं।
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Bulli Bai App Case - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, पिछले दिनों देश में चले एक लंबे घटनाक्रम मेें एक समुदाय के लोग चर्चाओं में आए थे। उन पर तमाम तरह की टिप्पणियां भी की गई थीं। इस एप के नाम और ट्वीटर हैंडल के नाम भी उस समुदाय की भाषा में लिखे गए हैं। एप का नाम भी सोशल मीडिया पर इस समुदाय की भाषा में ही लिखा हुआ वायरल हो रहा है।

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Bulli Bai App Case - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में माना जा रहा है कि इस समुदाय को बदनाम करने का भी यह प्रयास हो सकता है। इसके पीछे सांप्रदायिक माहौल में खलल पैदा करने वाले कुछ लोगों का हाथ भी हो सकता है। माना जा रहा है कि यदि मुंबई पुलिस इस मामले में गंभीरता से जांच करती है तो इसका राजफाश हो सकता है।  
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Bulli Bai App Case - फोटो : अमर उजाला
बुली बाई ऐप गिटहब प्लेटफॉर्म पर ही मौजूद था। ऐसे में यहां ये भी समझना जरूरी है कि आखिर गिटहब क्या है। गिटहब एक ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म है और यह अपने यूजर्स को कोई भी ऐप क्रिएट करने और उन्हें शेयर करने का ऑप्शन देता है। आप यहां पर्सनल या प्रोफेशनल किसी भी तरह का ऐप शेयर करने के साथ ही उसे बेच भी सकते हैं। 
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