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भाई को इंसाफ दिलाने के लिए पुलिस से 'लड़' रहा भाई

Wed, 25 Feb 2015 02:25 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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मर्चेंट नेवी का एक अधिकारी इन दिनों संवेदनहीन हो रही देहरादून पुलिस को आईना दिखा रहा है।
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सड़क हादसे के बाद अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रहे अपने छोटे भाई को इंसाफ दिलाने और आरोपी कार चालक को सजा दिलाने के लिए यह अधिकारी जुटा हुआ है।

पहले मुकदमा दर्ज कराने में आनाकानी और अब जांच के नाम पर पुलिस की सुस्ती से आजिज आकर प्रशांत भट्ट नाम के इस युवा अधिकारी ने खुद ही भाई को टक्कर मारने वाली कार की तलाश शुरू कर दी है।

जहां पुलिस अब तक यह भी मालूम नहीं कर सकी कि हादसा कैसे हुआ, प्रशांत ने भाई को टक्कर मारने वाली कार की सीसीटीवी फुटेज अपने प्रयासों से जुटा ली है। इसके अलावा वह दुर्घटनास्थल के आसपास करीब सौ लोगों से भी सुराग जुटा चुके हैं।
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ऐसे हुआ था हादसा

नेहरू कालोनी क्षेत्र के सुमन विहार निवासी विक्रांत भट्ट (23) 18 फरवरी की रात 09:25 बजे हरिद्वार बाईपास से स्कूटी पर गुजर रहे थे। विक्रांत ने हाल में इंजीनियरिंग पूरी की है।

महिंद्रा शोरूम के पास सफेद रंग की बेलगाम कार ने सड़क पर गलत दिशा में जाकर स्कूटी को टक्कर मार दी। कार चालक रुकने के बजाय भाग निकला। विक्रांत र्कई फीट उछलकर सड़क पर जा गिरे। अब वह मैक्स अस्पताल के आईसीयू में मौत से लड़ रहे हैं। कमर से लेकर पैरों तक कई फ्रैक्चर हैं।

सजा दिलाकर ही लौटूंगा डेनमार्क
विक्रांत के भाई प्रशांत भट्ट (25) डेनमार्क में मर्चेंट नेवी अधिकारी हैं। भाई के साथ हादसे की खबर सुनकर वह दून लौटे। प्रशांत का कहना है कि वह नेहरू कालोनी थाने में मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस तैयार नहीं हुई।

बहुत झिकझिक के बाद किसी तरह मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन इसके आगे पुलिस ने कार की तलाश की कोशिश नहीं की। प्रशांत भट्ट का कहना है कि वह कार चालक को सजा दिलाकर ही डेनमार्क लौटेंगे।
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अब जागी पुलिस

प्रशांत ने घटनास्थल के पास एक हार्डवेयर स्टोर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में सफेद रंग की एक कार विक्रांत की स्कूटी को गलत दिशा में आकर टक्कर मारती और तेजी से भागती नजर आ रही है। प्रशांत ने मंगलवार को पुलिस अधिकारियों को यह फुटेज उपलब्ध कराई। बताया जा रहा है पुलिस ने विकासनगर में एक कार की पड़ताल की है।

सही नहीं हुए सीसीटीवी कैमरे
प्रशांत बताते हैं कि उन्होंने सबसे पहले रिस्पना पुल के सीसी कैमरे को चेक किया, लेकिन वह घटना के दिन बंद था। आईएसबीटी का कैमरा भी खराब मिला। यदि यह कैमरे चालू होते तो संभवत: हादसा कर फरार हुई कार की तस्वीर इनमें कैद हो सकती थी। हैरत की बात यह है कि हादसे के सात दिन बाद भी ये कैमरे ठीक नहीं किए गए हैं।

कार का नंबर बताने पर इनाम
मर्चेंट नेवी के जवान प्रशांत भट्ट का कहना है कि कार का नंबर बताने वाले को उनकी तरफ से नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

यदि ऐसा है तो यह गंभीर मामला है। संबंधित थाना पुलिस से जवाब-तलब किया जाएगा कि कार का पता लगाने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं। मामले में यदि लापरवाही बरती गई है तो निसंदेह कार्रवाई की जाएगी।
- पुष्पक ज्योति, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
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